बरेली के मौलाना रजवी को मिली धमकी:अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर उठे सवाल, पुलिस ने दर्ज की FIR

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी को जान से मारने की धमकियां मिलने का मामला सामने आया है। धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखने के बाद उन्हें लगातार अज्ञात नंबरों से धमकी भरे फोन कॉल आ रहे हैं। इस संबंध में कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अपनी तहरीर में बताया कि उन्होंने हाल ही में मौलाना महमूद मदनी के जिहाद संबंधी बयान और तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बाबर के नाम पर मस्जिद बनाए जाने के प्रस्ताव का खुलकर विरोध किया था। उनका कहना है कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में इस तरह के बयान सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचा सकते हैं। मौलाना का आरोप है कि उनके विरोध के बाद से ही कुछ असामाजिक तत्व उन्हें निशाना बना रहे हैं। फोन पर जान से मारने की धमकियों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर उनकी छवि खराब करने की भी कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी तस्वीरों को एडिट कर गलत संदर्भ में वायरल किया जा रहा है, जो एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। उन्होंने पुलिस को बताया कि मौजूदा हालात में उन्हें न केवल अपनी, बल्कि अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता है। मौलाना ने प्रशासन से सुरक्षा मुहैया कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, धमकी देने वाले नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली जा रही है और सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। एहतियात के तौर पर मौलाना और उनके परिवार को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस घटना के बाद धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जानकारों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति को धमकी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वैचारिक असहमति को दबाने और भय का माहौल बनाने की कोशिश भी हो सकती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।