बरेली: क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर जालसाजों ने 27 निवेशकों से करीब 1.72 करोड़ रुपए की ठगी की है। आरोपियों ने पीड़ितों को 7 से 15 प्रतिशत प्रतिमाह रिटर्न का झांसा दिया था। यह मामला अब पुलिस जांच के दायरे में आ गया है। पीड़ितों ने बताया कि जालसाजों ने खुद को एक प्रतिष्ठित कंपनी के अधिकारी बताकर पहले उनका विश्वास जीता। इसके बाद उन्होंने निवेशकों से रकम जमा करवाई। कैंट थाना क्षेत्र के इचौरिया निवासी दुर्गेश चंद्र शर्मा ने पुलिस को बताया कि उनकी मुलाकात बॉमवीटिक फाउंडेशन बीमैक्स रियल्टी कंपनी से जुड़े लोगों से हुई थी। आरोपियों ने दावा किया था कि उनकी कंपनी क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के माध्यम से निवेशकों को नियमित और सुरक्षित मुनाफा प्रदान करती है। ठगी के लिए जालसाजों ने 13 अप्रैल 2025 को निवेशकों को लखनऊ के आलमबाग स्थित एक होटल में बुलाया। इस बैठक में बड़े-बड़े प्रेजेंटेशन और आकर्षक वादों के जरिए लोगों से लाखों रुपये का निवेश करवाया गया। निवेश के बाद न तो निवेशकों को तय समय पर मुनाफा मिला और न ही उनका मूल धन वापस किया गया। यह ठगी सिर्फ शहरी क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। शहर और देहात के विभिन्न इलाकों से जुड़े कुल 27 लोग इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। पीड़ितों में से किसी ने 1 लाख रुपये तो किसी ने 32 लाख रुपये तक गंवाए हैं। कई निवेशकों ने अपनी जमा-पूंजी के अलावा उधार लेकर भी इस योजना में निवेश किया था। पीड़ितों की शिकायत पर कैंट पुलिस ने खीरी और सीतापुर के पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें सीईओ महिपाल मौर्य, डायरेक्टर आशा देवी मौर्य, फंड मैनेजर दयाशंकर मौर्य, निकिता मौर्य और देवेंद्र मौर्य शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जाएगी।