योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन टीम) बरेली ने सोमवार को बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने तहसील सदर के एक राजस्व लेखपाल को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी लेखपाल एक महिला के हैसियत प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगाने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। रोजगार कार्यालय के गेट पर हुई घेराबंदी भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO) की टीम को सूचना मिली थी कि तहसील सदर में तैनात लेखपाल महेश कुमार रिश्वत की मांग कर रहा है। ट्रैप टीम के प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र सिंह ने अपनी टीम के साथ योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की। शाम करीब 5:31 बजे, जैसे ही लेखपाल महेश कुमार ने रोजगार कार्यालय बरेली के मुख्य द्वार पर बनी लॉबी के पास शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये लिए, पहले से घात लगाकर बैठी टीम ने उसे दबोच लिया। रंगे हाथ पकड़े जाने पर लेखपाल के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा। हैसियत प्रमाण पत्र के लिए अटकाया काम सुभाष नगर निवासी शिकायतकर्ता भारतेन्द्र सिंह सोनकर ने अपनी पत्नी का हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। इस पर रिपोर्ट लगाने की जिम्मेदारी लेखपाल महेश कुमार की थी। आरोप है कि रिपोर्ट लगाने के बदले लेखपाल लगातार रुपयों की मांग कर रहा था। परेशान होकर भारतेन्द्र सिंह ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन से की। विभाग ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद तत्काल ट्रैप टीम का गठन किया और आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। बांदा का रहने वाला है लेखपाल गिरफ्तार लेखपाल महेश कुमार मूल रूप से जनपद बांदा के ग्राम बसहरी का निवासी है। वर्तमान में वह बरेली के सिविल लाइंस इलाके में गली नंबर 66 में किराए के मकान में रह रहा था। वह बरेली तहसील सदर में राजस्व लेखपाल के पद पर कार्यरत है।