बलिया की मोनिका श्रीवास्तव को UPSC में 16वीं रैंक:आईआईटी गुवाहाटी से की पढ़ाई, 2023 में आई थी 455वीं रैंक

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 2025 के परिणामों में उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद की मोनिका श्रीवास्तव ने अखिल भारतीय स्तर पर 16वीं रैंक हासिल की है। इस सफलता से उन्होंने अपने परिवार और जनपद का नाम रोशन किया है। मोनिका श्रीवास्तव मूल रूप से बलिया जनपद के खरसरा गांव की निवासी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा, हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बिहार के औरंगाबाद से पूरी की। इसके बाद, उन्होंने आईआईटी गुवाहाटी के कंप्यूटर साइंस विभाग से उच्च शिक्षा प्राप्त की। तकनीकी पृष्ठभूमि होने के बावजूद, मोनिका ने देश सेवा के उद्देश्य से सिविल सेवा को अपना लक्ष्य बनाया। उन्होंने इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2021 में उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर असिस्टेंट टैक्स ऑफिसर के पद पर चयन प्राप्त किया था। BPSC में चयन के बाद भी, उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी जारी रखी। वर्ष 2023 में उन्होंने UPSC में 455वीं रैंक हासिल की थी। अपने लक्ष्य को और ऊंचा रखते हुए, मोनिका ने लगातार प्रयास किया और UPSC 2025 में 16वीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा और दृढ़ निश्चय का परिचय दिया। मोनिका श्रीवास्तव इंजीनियर ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव और भारती श्रीवास्तव की पुत्री हैं। वह उमेश चंद्र श्रीवास्तव (उप प्रधानाचार्य) की पौत्री हैं। उनका मूल निवास खरसरा, जनपद बलिया (उत्तर प्रदेश) है। मोनिका ने बताया कि कड़ी मेहनत, समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ पढ़ाई करने पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। शिक्षा पाठक की 453वीं रैंक, कहा- धैर्य और सही दिशा से मिली सफलता बलिया की बेटी शिक्षा पाठक ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 453वीं रैंक हासिल कर जनपद का नाम रोशन किया है। शिक्षा पाठक पियरौटा गांव निवासी विजय पाठक की भतीजी और अरुण पाठक की सुपुत्री है। उनकी सफलता से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। शिक्षा पाठक बलिया जिले के पियरौटा गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव और आसपास के स्कूलों से पूरी की और आगे की पढ़ाई के लिए प्रयागराज और दिल्ली में रहीं। UPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने लगातार 2-3 साल तक कड़ी मेहनत की। शिक्षा ने बताया कि परिवार का पूरा सहयोग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और अपनी मेहनत से यह सफलता मिली। उनकी रैंक 453 आने से बलिया जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। परिणाम आने के बाद परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोग बधाई देने के लिए उनके घर पहुंचना शुरू कर दिया। शिक्षा पाठक ने कहा कि सफलता के लिए मेहनत, धैर्य और सही दिशा में प्रयास जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी हार नहीं मानी और परिवार का साथ मिला।