महोबा में ससुर ने बहू की लोहे की रॉड से पीट-पीट कर हत्या कर दी। वह बहू पर अवैध संबंध रखने का दबाव बना रहा था। विरोध करने पर छोटे बेटे और नाती के साथ मिलकर उसे मार डाला। महिला के पति की मौत प्रयागराज में कुंभ मेले की भगदड़ में हो गई थी। बेटी मां को बचाने के लिए चीखती रही, लेकिन आरोपी नहीं माने। घटना के बाद तीनों आरोपी बाइक से फरार हो गए। भागने समय गिरकर घायल हो गए। तीनों अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे। पुलिस के आने की सूचना पर तीनों अस्पताल से भी भाग निकले। घटना गुरुवार शाम चरखारी की है। अब पूरा मामला विस्तार से… चरखारी के कुरौराडांग में दयाराम पाल के नाम पर सरकारी राशन का कोटा है। घर में छोटे बेटे आशाराम की विधवा बहू सुखदेवी (36) और उसके दो बच्चों के अलावा बड़े बेटे कीरत का परिवार रहता है। आशाराम की मौत 2025 के कुंभ मेले में भगदड़ के दौरान हो गई थी। बेटे की मौत के बाद से ही ससुर बहू पर अवैध संबंध रखने का दबाव बनाने लगा था। सुखदेवी ने इसका विरोध किया और मायके में शिकायत की। मायके वाले समझाकर चले गए, लेकिन ससुर की हरकतें कम नहीं हुईं। गुरुवार शाम फिर से दयाराम ने सुखदेवी को पकड़ने की कोशिश की। विरोध करने पर लोहे की रॉड से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। घटना के समय महिला की 16 साल की बेटी प्रतिज्ञा मां को बचाने के लिए चीखती रही। लेकिन हत्यारों ने एक न सुनी। बहू की हत्या में बेटे कीरत और उसके बेटे योगेंद्र ने भी कोटेदार का साथ दिया। घटना के बाद तीनों फरार हो गए। पिता बोले- बेटी अपनी मां को बताती थी महिला के पिता लखन पाल ने कहा- मेरी बेटी ने ससुर की हरकत के बारे में अपनी मां को कई बार बताया था। उसके पति की मौत के बाद से ससुर उस पर गलत नीयत रखता था। मेरी बेटी और पत्नी ने मुझे यह बात बताई थी। हमने सोचा कि बेटी को उसी घर में रहना है, इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कहा। कई बार रिश्तेदारों को बीच में डालकर पंचायत भी कराई, लेकिन दयाराम नहीं सुधरा। कोटेदारी संग खेती करता है आरोपी दयाराम कोटेदार है। वह खेती भी करता है। वह बेटी से कहता था कि कहीं मजदूरी करने मत जाओ। मैं पैसे दूंगा, लेकिन देता कुछ नहीं था। उसे बाहर जाने से भी रोकता था। उसकी बेटी पर नीयत खराब थी। जब मेरी बेटी ने अपनी मौसी और मां को सब बता दिया तो दयाराम ने उसे जान से मार दिया। बेटी के दोनों बच्चों प्रतिज्ञा (16) और हिमांशु (10) के सिर से पिता के बाद मां का भी साया उठ गया। बेटी बोली- मम्मी मजदूरी करने जाती थीं बेटी प्रतिज्ञा ने बताया कि- मेरे पापा महाकुंभ के मेले में 2025 में खत्म हो गए थे। मम्मी मजदूरी करने के लिए जाती थीं। तो मेरे दादाजी रोकते थे कि मजदूरी करने मत जाओ। मेरी मम्मी बोलती थीं कि मजदूरी नहीं करूंगी तो अपने बच्चों को खिलाऊंगी कैसे? ना वो पैसे देते थे, ना खर्चा चलाते थे, ना कुछ। मेरी मम्मी मजदूरी के लिए जाती थीं। दादा जी ने इसी बात पर उनसे लड़ते थे। 16 तारीख को दोनों के बीच काफी देर तक झगड़ा चला। फिर कल साढ़े तीन बजे मैं बाहर थी, मुझे पता नहीं अंदर कब चले गए। मेरे बड़े पापा और दादाजी, इन्होंने मम्मी को कुंडी लगा के लोहे की छड़ी से मारा। मामा अस्पताल की तरफ लेकर भागे मम्मी के सिर से बहुत ज्यादा खून निकल रहा था। मैंने चिल्लाया तो ये लोग भाग गए और पता नहीं वे छड़ियां कहां फेंक करके चले गए। मेरी मम्मी जमीन पर गिरी पड़ी थीं। मैंने चिल्लाया, तो मेरे मामा आए। फिर वो मां को लेकर अस्पताल गए, लेकिन तब तक वह खत्म हो गईं। दादाजी मम्मी को गंदी नजर से देखते थे। भागते समय घायल हुआ आरोपी, अस्पताल से भागा वारदात को अंजाम देकर आरोपी दयाराम मोटरसाइकिल से फरार हो गया। भागते समय आरोपी राठ थाना क्षेत्र के नौरंगा गांव के पास हादसे का शिकार होकर घायल हो गया। लेकिन, पुलिस की भनक लगते ही वह अस्पताल से भी भाग निकला। फरार ससुर और बेटे-नाती की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। सीओ चरखारी दीपक दुबे ने बताया कि आरोपी ससुर का अपने सगे भाई से विवाद चला आ रहा है। बहू उसी के खेत में मजदूरी करने जाती थी, जिस पर उसने नाराजगी जताते हुए विरोध किया था। इसी को लेकर झगड़ा हुआ और मारपीट बढ़ी थी। इसी दौरान महिला की मौत हो गई। ————————— यह खबर भी पढ़ें…. यूट्यूबर एल्विश यादव को बड़ी राहत:सांपों के जहर मामले में कोर्ट ने रद्द की यूपी पुलिस की FIR, नहीं मिले ठोस सबूत फेमस यूट्यूबर एल्विश यादव को सांपों के जहर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने एल्विश यादव के खिलाफ दर्ज सांपों के जहर मामले को खत्म कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि एल्विश यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत नहीं हैं। जिसके बाद कोर्ट ने अब एफआईआर को रद्द कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…