बागपत में अवैध खनन के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। शुक्रवार को प्रशासन और खनन विभाग की टीमों ने थाना खेकड़ा, बड़ौत और निवाड़ा चेक पोस्ट पर अभियान चलाते हुए कुल 9 वाहनों को सीज किया है। जिला खनन अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में थाना खेकड़ा क्षेत्र से 7 वाहन, बड़ौत से 1 वाहन और निवाड़ा चेक पोस्ट से 1 वाहन पकड़े गए। ये सभी वाहन वैध रॉयल्टी, परमिट और आवश्यक दस्तावेजों के बिना संचालित हो रहे थे। नियमानुसार,सभी वाहनों को संबंधित थानों में सीज कर दिया गया है। यह कार्रवाई रात तीन बजे चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन के बाद भी जारी रही। इससे पहले, प्रशासन के विशेष रात्रिकालीन अभियान में 16 वाहनों पर कार्रवाई की गई थी, जिसमें 6 वाहनों से 5.90 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया और 10 वाहन सीज किए गए थे। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से अवैध खनन माफिया में हड़कंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के सख्त निर्देशों और सतत निगरानी में खनन विभाग, तहसील प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें दिन-रात सड़कों पर गश्त कर रही हैं। प्रमुख मार्गों, अंतरजनपदीय सीमाओं और संवेदनशील क्षेत्रों में बैरिकेडिंग व चेक पोस्ट लगाकर हर खनन वाहन की रॉयल्टी रसीद और अन्य दस्तावेजों की सघन जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन से न केवल राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि इससे पर्यावरण को क्षति पहुंचती है, सड़कें खराब होती हैं और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है। इसी के मद्देनजर, अब अचानक नाकेबंदी, मोबाइल चेकिंग टीमें और रूट-आधारित निगरानी को और मजबूत किया गया है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध खनन या बिना रॉयल्टी वाले वाहन दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन या खनन विभाग को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दिन हो या रात, कार्रवाई तय है। यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा ताकि सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके और पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित हो।