बागपत में गैंगस्टर एक्ट में चार दोषी करार:10 साल की सजा, तीन अन्य को 7 साल

बागपत में गैंगस्टर अधिनियम के तहत एक चर्चित मामले में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। मुख्य आरोपी अजीत उर्फ हप्पू को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। यह फैसला जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अदालत ने अजीत उर्फ हप्पू को 10 वर्ष की कारावास और ₹50,000 के अर्थदंड से भी दंडित किया है। उसके तीन साथियों विकास, प्रवेश उर्फ हैप्पी और दीपक को 7-7 वर्ष के कठोर कारावास के साथ ₹30,000-₹30,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। यह मामला वर्ष 2017 से संबंधित था। पुलिस दस्तावेजों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था। गिरोह के सदस्य हत्या जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देने, गवाहों को धमकाने और मुकदमों में गवाही न देने के लिए दबाव बनाने के लिए कुख्यात थे। यह गिरोह अवैध हथियारों के बल पर आम जनता में भय और आतंक का माहौल बनाकर अवैध आर्थिक और भौतिक लाभ प्राप्त करता था। उनके खौफ के कारण कई लोग उनके खिलाफ खुलकर गवाही देने से कतराते थे। एडवोकेट इंद्रपाल ने बताया कि पुलिस और अभियोजन विभाग की मजबूत पैरवी तथा साक्ष्यों की प्रभावी प्रस्तुति के कारण ही आरोपियों को सजा दिलाई जा सकी। उन्होंने इस फैसले को समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ एक सख्त चेतावनी बताया। उल्लेखनीय है कि मुख्य आरोपी अजीत उर्फ हप्पू बागपत पुलिस की टॉप-टेन अपराधियों की सूची में शामिल रहा है।