बागपत में टीईटी की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों ने केंद्रीय राज्य शिक्षा मंत्री जयंत चौधरी का पुतला जलाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और शिक्षकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला अपने कब्जे में ले लिया। यह घटना उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के जिला मंत्री राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में हुई। शिक्षक और शिक्षिकाएं राष्ट्र वंदना चौक, कस्बा व थाना बागपत चौराहे पर एकत्र हुए थे। उनका विरोध लोकसभा में टीईटी की अनिवार्यता पर जयंत चौधरी के कथित “निराशाजनक” जवाब को लेकर था। प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अपने साथ जयंत चौधरी का एक प्रतीकात्मक पुतला लेकर आए थे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए पुतला दहन का प्रयास किया। मौके पर मौजूद स्थानीय पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और पुतले को अपने कब्जे में ले लिया। इसी दौरान पुलिस और शिक्षकों के बीच झड़प हुई। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि राज्य मंत्री ने शिक्षकों के हित में कोई बात नहीं कही है और टीईटी की अनिवार्यता को लेकर उनका लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों के साथ अन्याय है। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे एक बड़ा आंदोलन करेंगे और सड़कें जाम करने से भी नहीं हिचकेंगे। उन्होंने कहा कि संघ द्वारा लिए गए निर्णय के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।