बाराबंकी के कस्बा हैदरगढ़ में 13 मार्च की शाम घर के सामने खेलते समय लापता हुई 12 वर्षीय बालिका का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इससे गुस्साए परिजनों ने रविवार को कोतवाली परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बालिका की जल्द बरामदगी की मांग कर रहे हैं। सीओ समीर कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बालिका की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगातार तलाश कर रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने जल्द ही बालिका को बरामद करने का भरोसा दिलाया। 13 मार्च की शाम कस्बे के एक वार्ड से यह बालिका अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई। परिजनों ने उसी दिन कोतवाली में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस जानकारी न मिलने से परिवार गहरे सदमे और चिंता में है। इस मामले में परिजनों ने एक गंभीर आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि शनिवार को बालिका के चाचा को व्हाट्सएप कॉल के जरिए लोगों ने पुलिस से शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी है। इस धमकी के बाद से परिवार किसी अनहोनी की आशंका से डरा हुआ है। धरने में मौजूद भाजपा नेता पंकज दीक्षित ने कहा कि घटना को तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। उन्होंने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि सभी लोग पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। धरने में बालिका के परिजनों के अलावा पंडित सिद्धार्थ अवस्थी, पंकज मिश्रा, दीपू तिवारी, बैजनाथ मौर्य समेत कई सामाजिक कार्यकर्तामौजूद रहे।