बाराबंकी के लाजपत नगर में पंजाबी और सिख समाज ने लोहड़ी का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों और हर्षोल्लास के साथ मनाया। यह उत्सव गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा और रामजानकी मंदिर में आयोजित हुआ। सुबह से ही क्षेत्र में उत्सव का माहौल था, जो देर रात तक बना रहा। घरों में विशेष पकवान बनाए गए, वहीं नई शादियों और नवजात शिशुओं वाले परिवारों में विशेष उत्साह देखा गया। इस वर्ष सरदार नवदीप सिंह और सिमरन कौर की शादी के बाद यह उनकी पहली लोहड़ी थी, जिसके कारण समाज में विशेष उमंग देखी गई। नवविवाहित जोड़े ने लोहड़ी की अग्नि की परिक्रमा कर बड़ों का आशीर्वाद लिया। परिजनों और समाज के सदस्यों ने उन्हें सुख-समृद्धि की शुभकामनाएं दीं। गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में हजूरी रागी जत्था भाई तीरथ सिंह ने मधुर कीर्तन-भजन प्रस्तुत किए। कीर्तन के बाद केसरिया दूध का वितरण किया गया, जिसे संगत ने पंक्तिबद्ध होकर ग्रहण किया। श्रद्धालुओं ने गुरु के चरणों में शीश नवाकर खुशहाली की प्रार्थना की। रामजानकी मंदिर में पंडित सोनू तिवारी ने श्रीराम भगवान का विधिवत पूजन संपन्न कराया। इसके उपरांत सामूहिक कीर्तन-भजन का आयोजन हुआ। शाम को लोहड़ी जलाई गई और पूजा की गई, जिसके बाद तिल, गुड़, मूंगफली और रेवड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान पंजाबी लोकगीत “सुंदरिए मुंदरिए हो, तेरा कौन विचारा हो, दुल्ला भट्टी वाला हो…” पर ढोल-नगाड़ों की थाप गूंजती रही। युवक-युवतियों ने भांगड़ा और गिद्धा करते हुए देर रात तक नृत्य किया। इस अवसर पर सरदार चरनजीत सिंह, प्रधान भूपेंद्र सिंह, अनिल अग्रवाल, विनोद गाबा, राजदीप सिंह, हरप्रीत सिंह, राकेश उप्पल, तनप्रीत सिंह, मालकीत सिंह, तनमीत सिंह, अरुण अग्रवाल, करन पुरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।