बाल व्यास श्वेतिमा ने कपिल उपाख्यान-शिव विवाह का किया वर्णन:देवरिया में ध्रुव चरित्र से भक्त हुए भावविभोर, बोल बम-बोल बम के जयघोष से गूंजा पंडाल

देवरिया। रुद्रपुर के समुदा ग्राम में चल रहे सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तीसरे शनिवार को दिन श्रद्धा, ज्ञान और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। विश्व की सबसे कम आयु की अंतरराष्ट्रीय बाल व्यास श्वेतिमा माधव प्रिया (8 साल) ने अपने मधुर कंठ से कपिल उपाख्यान, शिव विवाह और ध्रुव चरित्र का सजीव वर्णन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। बाल व्यास श्वेतिमा वर्तमान में अपनी 26वीं श्रीमद्भागवत कथा का वाचन कर रही हैं। उनके ओजस्वी वचनों और बाल-सुलभ सहजता ने कथा पंडाल में ऐसा वातावरण बनाया कि भक्त भावविभोर हो उठे। कथा का आरंभ करते हुए श्वेतिमा ने कपिल मुनि द्वारा माता देवहूति को दिए गए ज्ञान का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा, “कपिल उपदेश सिखाता है कि आत्मा अविनाशी है। सच्ची भक्ति ही मोक्ष का मार्ग है। उनके शब्दों ने उपस्थित जनसमुदाय को ध्यानमग्न कर दिया। इसके बाद बाल व्यास ने भगवान शिव और पार्वतीजी के विवाह प्रसंग का जीवंत चित्र खींचा। जब उन्होंने पार्वतीजी के तप, हिमालय की विनम्रता और शिवजी के वैराग्य का वर्णन किया, तो पूरा कथा परिसर “बोल बम-बोल बम” के जयघोष से गूंज उठा। कथा के अंतिम चरण में उन्होंने बालक ध्रुव की अटूट भक्ति और तप की कथा सुनाई। उन्होंने कहा, “जब लक्ष्य अडिग हो और भक्ति अटल, तब स्वयं ईश्वर मार्ग प्रशस्त करते हैं।” इस प्रसंग पर अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। पंडाल में “राधे-श्याम, हरि बोल, जय श्री हरि” के उद्घोष गूंजते रहे। यह भव्य आयोजन धराधाम विश्व सद्भाव पीठ के प्रमुख सौहार्द शिरोमणि संत डॉ. सौरभ पांडेय के मार्गदर्शन में संपन्न हो रहा है। मुख्य यजमान प्रभुनाथ पांडेय रहे। इस अवसर पर आचार्य गौरव पांडेय, आचार्य विशाल शुक्ला, अनिल पांडेय, सुनील पांडेय, विनय पांडेय, डॉ. रागिनी पांडेय, शशांक पांडेय, ओसांक पांडेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।