बिजनौर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक भारतेंदु ने दहेज हत्या के एक मामले में आरोपी पति जितेंद्र को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी ससुर शेर सिंह को भी दहेज उत्पीड़न में दोषी पाते हुए छह माह की कैद और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। यह मामला 9 दिसंबर 2017 का है, जब किरतपुर थाना क्षेत्र के गांव औरंगजेबपुर गुलाब निवासी मगन सिंह ने अपनी पुत्री सरस्वती की हत्या के आरोप में पति जितेंद्र, ससुर शेर सिंह और ननद पूनम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मगन सिंह ने आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री की शादी जितेंद्र सिंह से ढाई वर्ष पूर्व हुई थी। वादी मगन सिंह के अनुसार, सरस्वती के ससुराल वाले दहेज में दो लाख रुपये की मांग को लेकर उसे लगातार परेशान करते थे और उसके साथ मारपीट भी करते थे। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर 9 दिसंबर 2017 को सरस्वती की हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद पति जितेंद्र और ससुर शेर सिंह के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। ननद पूनम के खिलाफ कोई आरोप पत्र नहीं दाखिल किया गया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों पर विचार करने के बाद पति जितेंद्र और ससुर शेर सिंह को दोषी करार दिया। इसके बाद उन्हें उपरोक्त सजा सुनाई गई।