बिजनौर में जीएसटी चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इस मामले में शहर कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच अन्य की तलाश जारी है। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने फर्जी फर्मों के नेटवर्क से 6.38 करोड़ रुपए की आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर करीब 87.62 लाख रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास-ऑन टैक्स चोरी की। राज्य कर अधिकारी खंड-2 बिजनौर के सुभाषचंद्र ने 25 दिसंबर को कोतवाली शहर थाने में ए-1 इंटरप्राइजेज नामक फर्म के खिलाफ फर्जी व्यापार दिखाकर टैक्स चोरी करने का मुकदमा दर्ज कराया था। एएसटी सिटी/एसआईटी नोडल डॉ. कृष्णगोपाल सिंह के नेतृत्व में एसआईटी टीम की जांच में पता चला कि ए-1 इंटरप्राइजेज ने फर्जी व्यापार स्थल दर्शाकर और बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-फरोख्त के कागजों में लेन-देन दिखाया। इसके जरिए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पास-ऑन किया गया। मुखबिर की सूचना पर 24 जनवरी को शहर कोतवाली पुलिस ने मेरठ निवासी रिजवान मलिक पुत्र फारूक मलिक और मोहम्मद शाहिद पुत्र हाजी ननवा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार आधार कार्ड (एक ही नंबर के डुप्लीकेट), दो पैन कार्ड, विभिन्न बैंकों के डेबिट कार्ड, दो एप्पल मोबाइल फोन और नकद धनराशि बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने फर्जी फर्मों के माध्यम से बिना किसी वास्तविक व्यापार के फर्जी बिलिंग की। उन्होंने जीएसटी पोर्टल पर गलत विवरण अपलोड करके टैक्स चोरी को अंजाम दिया। जांच में यह भी सामने आया कि फर्म मालिक बताए गए मोहम्मद शाजाद के आधार कार्ड, पैन कार्ड और बिजली बिल जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज उसके रिश्तेदारों रिजवान मलिक और मोहम्मद शाहिद ने 20 हजार रुपए प्रतिमाह का लालच देकर हासिल किए थे। इन दस्तावेजों का उपयोग जुनैद नामक व्यक्ति की मदद से ए-1 इंटरप्राइजेज का फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने के लिए किया गया था। पुलिस के अनुसार गिरोह के नफीस और वरीस पुत्रगण रफीक निवासी जाकिर कालोनी मेरठ, दानिश निवासी सिदीकनगर मेरठ, वसीम निवासी फतेहउल्लापुर लिसाडी रोड मेरठ व जुनैद निवासी मेरठ फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। एएसपी सिटी डा. केजी सिंह ने कहा कि फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी करने के मामले में दो को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से कागजात बरामद किए गए है। गिरोह के पांच सदस्य फरार है। जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। मामले में विवेचना जारी है और आगे और भी नाम सामने आ सकते हैं। टैक्स चोरी के इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।