बिना सेफ्टी ठेका कर्मी से करा रहे थे मेंटेनेंस:पावर कापोर्रेशन के चेयरमैन गोयल ने एई को किया सस्पेंड, एसई को शो-कॉज नोटिस

उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने मेंटेनेंस के दौरान करंट से हुई ठेका कर्मी की मौत मामले में मंगलवार को एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (एई) को सस्पेंड कर दिया। वहीं सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (एसई) और चीफ इंजीनियर (सीई) को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद में नवंबर 2025 में मेंटेनेंस वर्क के दौरान एक ठेका कर्मी की करंट लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। लेकिन चेयरमैन ने समीक्षा बैठक में सवाल उठाया कि एक्जीक्यूटिव इंजीनियर को क्यों बख्शा गया? उन्होंने पूछा कि सेफ्टी इक्विपमेंट्स के बिना काम क्यों कराया गया? चेयरमैन ने याद दिलाया कि पहले ही निर्देश जारी हो चुके हैं कि जहां भी विद्युत दुर्घटना होगी, वहां एक्जीक्यूटिव इंजीनियर पर भी सख्त कार्रवाई होगी। डॉ. गोयल ने शाहजहांपुर के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और चीफ इंजीनियर को रूल 10 के तहत शो-कॉज नोटिस जारी करने के आदेश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा, “बिजली दुर्घटनाएं रोकनी हैं, इसके लिए जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। ये घटनाएं बेहद पीड़ादायक हैं। बिना सेफ्टी इक्विपमेंट्स पहने कोई मेंटेनेंस वर्क नहीं कराया जाए। अगर कहीं दुर्घटना हुई तो सख्त ऐक्शन लिया जाएगा। चेयरमैन ने यह भी निर्देश दिया कि मेंटेनेंस वर्क में सेफ्टी इक्विपमेंट्स जरूर पहनें और इसे सोशल मीडिया पर भी पोस्ट करें, ताकि जागरूकता फैले। परफॉर्मेंस पर भी चेयरमैन ने 4 को जारी किया नोटिस चेयरमैन ने सिर्फ दुर्घटनाओं पर ही नहीं, बल्कि खराब परफॉर्मेंस पर भी कड़ा रुख दिखाया। प्रयागराज के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और चीफ इंजीनियर, मेरठ-1 के चीफ इंजीनियर, अलीगढ़ के चीफ इंजीनियर को वर्क में प्रोग्रेस न होने और खराब परफॉर्मेंस पर शो-कॉज नोटिस देने के निर्देश दिए। वहीं, बांदा और झांसी में राजस्व वसूली कम होने पर वहां के जेई, एसडीओ, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और चीफ इंजीनियर को रूल 10 के तहत नोटिस और एडवर्स एंट्री देने को कहा। चेयरमैन ने साफ शब्दों में कहा, “बिजली बिल वसूली में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। जहां वसूली कम होगी, वहां सभी जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।” ट्रांसफॉर्मर डैमेज पर क्यों हो रही लापरवाही? डॉ. गोयल ने ट्रांसफॉर्मर डैमेज के मामलों पर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि सभी तरह के ट्रांसफॉर्मर डैमेज रुकने चाहिए। लगातार प्रयास करने की जरूरत है। जहां डैमेज कम नहीं हुआ, वहां सख्त ऐक्शन लें। चेयरमैन ने सवाल उठाया कि मेंटेनेंस और बिजनेस प्लान के लिए पूरा फंड दिया जा रहा है, फिर ट्रांसफॉर्मर क्यों डैमेज हो रहे? उन्होंने निर्देश दिया कि दिसंबर 2025 से अब तक जहां भी ट्रांसफॉर्मर डैमेज हुए, वहां जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई करें। “इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिजली बिल राहत योजना को मिल रहा सपोर्ट चेयरमैन ने बताया कि 1 दिसंबर 2025 से पूरे प्रदेश में शुरू हुई बिजली बिल राहत योजना को कंज्यूमर्स का अच्छा सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन अभी और मेहनत करने की जरूरत है। सभी सीनियर ऑफिसर्स की जिम्मेदारी है कि अपने एरिया में स्कीम के योग्य कंज्यूमर्स का रजिस्ट्रेशन कराकर बकाया जमा कराएं। उन्होंने कहा, “हर कंज्यूमर से कॉन्टैक्ट करें। फोन कॉल करें, पर्सनली मिलें और स्कीम का फायदा लेने के लिए राजी करें। मुनादी कराएं, पैंफ्लेट्स और इन्फॉर्मेशन स्लीप्स दें। माइक्रो प्लान बनाकर फिन टेक एजेंसियों को लगाकर काम कराएं। बिजली चोरी के मामलों में चेयरमैन ने कहा कि स्कीम के जरिए मुकदमे और एफआईआर का निपटारा कराएं, कोर्ट-कचहरी के चक्कर से बचें। उन्होंने बिल कलेक्शन के लिए अभियान चलाने को कहा। “बेहतर बिजली सिस्टम के लिए जरूरी है कि जितनी बिजली दें, उतना राजस्व वसूलें और लाइन लॉसेस कम करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जहां एटीएंडसी लॉसेस ज्यादा हैं, वहां प्लान बनाकर सुधारें। सबस्टेशन वाइज स्ट्रैटजी बनाएं और फीडर वाइज मैनेजर्स के काम की रेगुलर रिव्यू करें। चेयरमैन ने निवेश मित्र, झटपट पोर्टल और सोलर रूफटॉप में पेंडेंसी की शिकायतों पर सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि इनमें कोई पेंडेंसी नहीं रहनी चाहिए। सोलर रूफटॉप कनेक्शन में कंज्यूमर्स की कई कंप्लेंट हैं, इन्हें ध्यान देकर सॉल्व करें। कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज कुमार ने भी बैठक की समीक्षा की। शक्ति भवन में हुई इस मीटिंग में सभी डिस्कॉंम के एमडी, टेक्निकल और कॉमर्शियल डायरेक्टर्स समेत सीनियर ऑफिसर्स मौजूद थे।