ब्रजेश पाठक बोले- अखिलेश के पेट में मरोड़ हो रही:बिहार में इनके चट्टे-बट्टे हारे, यूपी वाले सपा का जंगलराज नहीं आने देंगे

डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने कहा कि बिहार चुनाव रिजल्ट आने के बाद से अखिलेश यादव के पेट में मरोड़ हो रही। अब हम लोग यूपी में जंगलराज पार्ट-2 नहीं आने देंगे। प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी का गुंडाराज कभी नहीं स्वीकार करेगी। ये उन्हीं (राजद) की थाली के चट्टे-बट्टे हैं। वह आगरा में बुधवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के मौके पर पहुंचे थे। उन्हें 12 बजे एक पदयात्रा में शामिल होना था। लेकिन वह 3 घंटे देरी से पहुंचे। बाद में कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की अगुवाई में पदयात्रा निकाली गई। अब ब्रजेश पाठक की 5 बड़ी बातें पढ़िए 1. दिल्ली ब्लास्ट पर बोले- डॉक्टर पेशे को कलंकित किया
दिल्ली ब्लास्ट में डॉक्टरों की भूमिका सामने आने पर ब्रजेश पाठक ने कहा- जांच एजेंसियां एक्टिव हैं। वे कड़ी कार्रवाई करेंगी। यूपी में लगातार निगरानी बरती जा रही है। इन लोगों ने सफेदपोश बनकर डॉक्टर जैसे सम्मानित पेशे को कलंकित किया है। ऐसे डॉक्टरों को एक-एक करके चिह्नित किया जा रहा है। 2. लौहपुरुष को कांग्रेस ने अनदेखा किया
सरदार वल्लभ भाई पटेल की आजाद भारत के नवनिर्माण में बड़ी भूमिका थी। कांग्रेस सरकार ने उन्हें हमेशा अनदेखा किया। भाजपा ने तय किया है कि लौहपुरुष की गाथा को, उनके जीवन चरित्र को जन-जन तक पहुंचाएंगे। भाजपा सरकार लौहपुरुष के पदचिह्नों पर चलेगी। 3. कांग्रेस ने राम के अस्तित्व को नकारा
भाजपा जो कहती है, वो करती है। अयोध्या में रामलला का मंदिर बना। राम मंदिर के लिए 500 साल तक संघर्ष किया। कांग्रेस ने तो अयोध्या में राम के जन्म का प्रमाण नहीं होने की बात कही थी। तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली कांग्रेस और अन्य दलों ने राम के अस्तित्व को नकार दिया था। 4. अब गुंडे और माफिया गायब हो गए
2017 से पहले उत्तर प्रदेश में माफियाओं की पकड़ होती थी। अब गुंडे और माफिया गायब हो गए। वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया बना दिया था। बिहार में पूरा कुनबा एकत्र हो गया। मगर, बिहार के लोग समझ गए कि ये आएंगे तो माफिया राज आ जाएगा। अब कानून का राज है। बेटियां रात 12 बजे भी सुरक्षित घर जाती हैं। अल्पसंख्यक भाइयों से कहूंगा कि आप लोग जाति धर्म से ऊपर उठकर 2027 में यूपी में भाजपा की सरकार बनवाएं। अब लखनऊ ब्रह्मोस के लिए भी जाना जाता है
पहले लखनऊ को सिर्फ मुस्कुराने के लिए जाना जाता था, अब ब्रह्मोस मिसाइल के लिए जाना जाता है। बिहार में जो प्रचंड बहुमत हासिल हुआ, उसके पीछे PM मोदी की गरीब कल्याण योजनाएं और नीतीश का सुशासन है। जनता जंगलराज को नहीं चाहती। आज बिहार विकास की रफ्तार पकड़ चुका है। बिहार तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। सभी बिहार वासियों ने जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर NDA के पक्ष में वोट किया। ब्रिटिश हुकूमत ने देश को टुकड़ों में बांटा
ब्रिटिश हुकूमत ने देश को टुकड़ों में बांटकर विभाजित किया। सरदार पटेल ने सभी रियासतों का विलय कराया। उन्होंने कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने का विरोध किया था। धारा 370 से तो अंबेडकर भी सहमत नहीं थे। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भी इसका विरोध किया। अटल बिहारी वाजपेयी ने भी उनका साथ दिया था। अंत में भाजपा सरकार ने ही 370 को कश्मीर से समाप्त किया। 2 किमी लंबी पदयात्रा निकाली गई
दोपहर करीब 12 बजे शहर दक्षिण स्थित नूरी दरवाजा से पदयात्रा शुरू हुई। नूरी दरवाजा पर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पदयात्रा आगे बढ़ी। हॉस्पिटल रोड, व्यास मार्केट, गुड़ की मंडी, फुलट्टी, घटिया चौराहा, विक्टोरिया इंटर कॉलेज, खटीक पाड़ा, चित्रा टॉकीज, कालीबाड़ी होते हुए नूरी दरवाजा पर ही लौटी। यह पदयात्रा लगभग 2 किमी चली। यहीं नूरी दरवाजा के पास मंच बनाया गया था। डिप्टी CM ब्रजेश पाठक दोपहर करीब 3 बजे मंच पर पहुंचे। डिप्टी CM को समर्थकों ने घेरा
कार्यक्रम समापन के बाद डिप्टी CM आयोजन स्थल के पास स्थित एक पेठा स्टोर पर पहुंचे। यहां उनसे मिलने के लिए समर्थकों का हुजूम उमड़ा पड़ा। समर्थकों ने उन्हें घेर लिया। डिप्टी CM को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर ब्रजेश पाठक ने मीटिंग की आगरा के नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर ब्रजेश पाठक ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्टाफ से कहा- सरकार की ओर से बजट की कोई कमी नहीं है। पूरे प्रदेश के अस्पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है। अत्याधुनिक मशीनें लगाई जा रही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर कई तरह की जांचों की व्यवस्था भी की गई है। अस्पताल में आने वाले हर मरीज को इलाज समय पर और आसानी से दें। अस्पताल में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें। उन्होंने दवाओं के स्टॉक और वहां की व्यवस्थाएं भी देखी। मेडिकल स्टाफ से ब्रजेश पाठक ने कहा- मलिन बस्तियों में जाएं। लोगों को बताएं कि नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर भी दवाएं मिलती हैं। प्राइवेट अस्पतालों में जाने की जरुरत नहीं है। मरीजों से भी बात की। पूछा कि कितने मरीजों की यहां ओपीडी होती है। ——————- ये खबर भी पढ़िए- आजम खान को घर का कंबल तक नसीब नहीं हुआ:घरवाले रामपुर जेल लेकर पहुंचे, जेलर ने लौटाया आजम खान की जेल में पहली दो रातें बेचैनी भरी रहीं। आजम पूरी रात करवटें बदलते रहे। घर का कंबल भी नसीब नहीं हुआ। घरवाले घर से खाना बनाकर लाए थे, लेकिन जेल प्रशासन ने इसे अंदर ले जाने की इजाजत नहीं दी। कुछ ऐसा ही हाल अब्दुल्ला आजम का भी रहा। पढ़ें पूरी खबर…