फिरोजाबाद। न्यायालय ने अपने भतीजे की हत्या के मामले में चाचा, उनके बेटे और एक अन्य व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा न करने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह घटना टूंडला थाना क्षेत्र के नगला रामकिशन में 3 अप्रैल 2022 को हुई थी। मृतक बंटी मरघट के पास खाली जगह में खड़ा था, तभी पप्पू उर्फ पवन (निवासी नगला छैंकुर), राजवीर और उसके बेटे राहुल (निवासी नगला रामकिशन) ने धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया। हमले में बंटी गंभीर रूप से घायल हो गया था। बंटी के भाई मनोज कुमार ने 5 अप्रैल 2022 को टूंडला थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआत में जानलेवा हमले की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि, उपचार के दौरान बंटी की मृत्यु हो जाने के बाद मामले में हत्या और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं बढ़ाई गईं। पुलिस ने 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर 3 अगस्त 2022 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) नवनीत कुमार गिरी की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी नरेंद्र सिंह सोलंकी ने पैरवी की। न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्कों, साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर पप्पू उर्फ पवन, राजवीर और राहुल को दोषी पाया। एडीजीसी ने बताया कि दोषी राजवीर मृतक बंटी का सगा चाचा था। पारिवारिक रंजिश के चलते राजवीर ने अपने साथी पवन और बेटे राहुल के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।