‘SDM साहब, आप हमें हल्के में लेकर बैठे हैं। हमारी कुंडली ठीक से नहीं जानते हैं। अगर गोरखनाथ बाबा नाराज हो गए तो कोई सरकारी विधायक आपको नहीं बचा पाएगा। हम आपको बहुत साफ शब्दों में बता रहे हैं। वहीं आकर सबकी भद्रा उतार देंगे।’ फोन पर ये बातें गोरखनाथ बाबा ने अयोध्या की मिल्कीपुर सीट से भाजपा के पूर्व विधायक के रूप में SDM सुधीर कुमार से शनिवार को कही थीं। इसका ऑडियो सामने आने के बाद बवाल मच गया। अब गोरखनाथ बाबा ने इस पर सफाई दी है। उन्होंने पत्रकारों से कहा- फोन पर बातचीत के दौरान कई बार शब्दों का चयन भावनात्मक हो जाता है, लेकिन मेरा उद्देश्य किसी अधिकारी का अपमान करना नहीं था। मेरा मकसद केवल मुद्दे पर ध्यान दिलाना था। पूर्व विधायक ने SDM को होली के बाद आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्ता में रहते हुए आंदोलन का सवाल नहीं उठता। मैं केवल प्रशासन से जनहित की मांग पूरी करने की बात कह रहा था। ‘2027 का चुनाव लड़ेंगे, तब देख लिया जाएगा’ ऑडियो में गोरखनाथ ने कहा था- हम 2027 का चुनाव लड़ेंगे, तब देख लिया जाएगा। इतने कमजोर बाबा गोरखनाथ नहीं हैं। हमारा कार्यकर्ता रोएगा और हम दिल्ली-मुंबई बैठे रहेंगे क्या? इस पर गोरखनाथ ने कहा- भाजपा में हर कार्यकर्ता को टिकट मांगने का अधिकार है और पार्टी प्रदर्शन के आधार पर निर्णय लेती है। ऐसे में हम भी टिकट मांग सकते हैं, बाकी पार्टी फैसला लेगी। सरकारी जमीन पर निर्माण को लेकर विवाद था, समझिए गोरखनाथ बाबा और SDM के बीच हुई हॉट-टॉक का मामला पूरा उर्फ सुमेरपुर के ग्राम प्रधान आदर्श श्रीवास्तव से जुड़ा बताया जा रहा है, जिनके समर्थन में वह SDM से बात कर रहे थे। सुमेरपुर के प्रधान आदर्श श्रीवास्तव ने बताया- 6 मार्च 2025 को ग्राम सभा में सर्वसम्मति से आंगनबाड़ी केंद्र और आरआरसी बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। शासन से मंजूरी के बाद निर्माण शुरू भी हो गया। प्रधान ने बताया- कुछ ग्रामीणों ने विरोध करते हुए निर्माणाधीन ढांचा गिरा दिया। मैंने थाने में मुकदमा दर्ज कराया, फिर भी निर्माण काम रुकवा दिया गया। इसके बाद हमने पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा के साथ कई बार डीएम सुधीर कुमार से मुलाकात की। हर बार निर्माण शुरू कराने का आश्वासन मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने बताया- SDM मौके पर नहीं पहुंचे और निर्माण शुरू नहीं कराया। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर हमने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की। वहां से ग्राम पंचायत के पक्ष में निर्माण कार्य कराने का आदेश जारी किया गया। इसके बावजूद शनिवार दोपहर करीब 2 बजे उसी गाटा पर किसी दूसरे व्यक्ति से निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। इसके बाद हमने डीएम को सूचना दी। जानकारी मिलते ही उन्होंने निर्माण कार्य रुकवा दिया। प्रधान ने कहा- अब अगर कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कराया गया तो मुख्यमंत्री कार्यालय जाकर आत्महत्या कर लेंगे। प्रशासन ने उन्हें समझाया और कहा- आपका काम हो जाएगा, आप परेशान न हों। इसी बीच पूर्व विधायक की SDM से फोन पर हॉट-टॉक हो गई। इस दौरान उन्होंने मौजूदा विधायक को सरकारी विधायक बता दिया। विवाद हुआ तो गोरखनाथ ने सफाई दी
गोरखनाथ का कहना है- 14-15 बीघे जमीन पर 30-35 मकान बने हैं। कुछ लोग सरकारी निर्माण पर आपत्ति जता रहे, जबकि हाईकोर्ट ने उसी जगह पर निर्माण के निर्देश दिए हैं। हम सिर्फ मुद्दे की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करा रहे थे। प्रधान को सपा से जुड़ा बताने पर क्या बोले पूर्व विधायक इस बीच, सोशल मीडिया पर आदर्श श्रीवास्तव की पुरानी तस्वीर भी वायरल हो रही है। इसमें प्रधान को सपा से जुड़ा बताया जा रहा है। इस पर गोरखनाथ ने कहा- 2019 में मैंने ही आदर्श श्रीवास्तव को भाजपा में शामिल कराया था। मैं मजबूती से पार्टी के साथ हूं। इसे पार्टी राजनीति से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। वर्तमान विधायक बोले- कुछ लोग विकास में अड़चन डालते हैं
पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा और SDM के बीच की बातचीत, पढ़िए गोरखनाथ: SDM साहब, आप हमें बिल्कुल हल्के में लेकर बैठे हैं। SDM: क्या हो गया, बताइए। गोरखनाथ: आप हमारी कुंडली ठीक से नहीं जानते हैं। SDM: बताइए, क्या बात है? गोरखनाथ: क्या आपको लग रहा है कि कोई सरकारी विधायक आपको बचा लेगा? आपको कोई नहीं बचा पाएगा। अगर गोरखनाथ बाबा नाराज हो गए तो SDM: बताइए तो सही। गोरखनाथ: SDM साहब, हम आपको बहुत साफ शब्दों में बता रहे हैं। वहीं आकर सबकी भद्र उतार देंगे। आपसे मैंने 10 बार कहा कि पूरे सुमेरपुर का जो लड़का है, वह भी भाजपा के लिए बहुत मेहनत करता है। हमने 20 बार आपसे रिक्वेस्ट किया कि वहां आंगनबाड़ी बन जाए। वहां के लिए ढाई लाख रुपए मंजूर हैं। मामला पूरी तरह लीगल है, फिर भी आप सुन नहीं रहे हैं। उसके बाद वहां रातों-रात दीवार खड़ी हो जाती है। हम आपसे निवेदन करते हैं। हम थोड़ा पार्टी के काम से बाहर हैं। SDM: विधायक जी, हमारी भी बात सुनिए। गोरखनाथ: हमारी बात आप नहीं सुनेंगे, हमें ही हैरेसमेंट करेंगे। SDM: विधायक जी, सुनिए तो… गोरखनाथ: अगर हम आपके कार्यालय में आकर बैठ जाएंगे, तो किसकी हैसियत है, जो भिड़ेगा? हमारे पास उनसे ज्यादा जनता खड़ी है। SDM: माननीय जी, हम तो कुछ कह ही नहीं रहे हैं। गोरखनाथ: आप हमें बेवकूफ बना रहे हैं। हमने उससे कहा कि पूछ लो कितना पैसा चाहते हैं, एसडीएम को 50 हजार रुपए भिजवा दो। हम सौगंध खाते हैं, हमारे दो बच्चे हैं। हमने यहां तक कहा कि हम उस लड़के को बहुत प्यार करते हैं। उसके ऊपर तीन-तीन मुकदमे इसलिए लिख दिए गए, क्योंकि वह बाबा गोरखनाथ के साथ रहता है। SDM: माननीय जी, हमारी भी बात पहले सुन लीजिए। गोरखनाथ: हम कैसे सुन लें? हम आपके पास पांच बार गए, तीन बार उसे लेकर गए। आपने आश्वासन दिया कि काम बनेगा। मैं आपके पास बहुत काम लेकर नहीं आता हूं। दो-चार काम के लिए आता हूं। उसका पैसा सैंक्शन है, उसकी मान-प्रतिष्ठा लगी है। आपको समय नहीं मिल रहा है। हम 2027 का चुनाव लड़ेंगे, तब देख लिया जाएगा। इतने कमजोर बाबा गोरखनाथ नहीं हैं। हमारा कार्यकर्ता रोएगा और हम दिल्ली-मुंबई बैठे रहेंगे? SDM: माननीय जी, हमारी प्रधान से बात हुई है। प्रधान जी से कहा है कि कल आप काम शुरू कराइए। गोरखनाथ: इसमें किसी का एहसान है क्या? हमें हाईकोर्ट तक दौड़ना पड़ा। हमने एक लाख रुपए खर्च किए हैं। हम बोल नहीं रहे हैं तो आप हमारी सादगी का फायदा उठा रहे हैं। मैं भी सोचता हूं- अपने समाज के एसडीएम हैं, कहीं कोई बात न हो, इसलिए मुस्कुराकर चला आता हूं। SDM: माननीय जी, बताइए आपका कौन सा काम नहीं हो रहा? गोरखनाथ: मैं पांच साल में कभी तहसील नहीं गया, पता कर लीजिए। जिस एसडीएम को चाहा, वहीं पोस्ट हुआ है। एसडीएम साहब, हम आपको धमकी नहीं दे रहे हैं, हम बहुत सज्जन और सरल आदमी हैं। SDM: नहीं-नहीं, आप सुन लीजिए। हम आपका कौन सा काम नहीं करते हैं? गोरखनाथ: एक काम बताइए जो आपने किया हो। आदर्श का काम हुआ? SDM: मैंने काम लगवाने के लिए बोल दिया है। गोरखनाथ: दरोगा सब बता रहे हैं कि विधायक का दबाव है। उसके घर के लोग बता रहे हैं कि उसे बेइज्जत करने का दबाव है। तीन-तीन मुकदमे लिख दिए गए। जब पता था कि उसके भाई नहीं हैं, तब भी उनके ऊपर मुकदमा लिखकर चार्जशीट भेज दी गई। अगर हम खड़े हो जाएं और बवाल कर दें तो पार्टी ही हमें विद्रोही बता देगी। आपने हमारा कौन सा काम किया, बताइए। मैंने एक लेखपाल बदलने के लिए कहा। कम से कम 10 बार कहा होगा, लेकिन नहीं हुआ। आज के बाद हम आपको फोन नहीं करेंगे। राजनीति जब करेंगे, तब देखेंगे। यह आपसे आखिरी फोन है। SDM: माननीय जी, आप नाराज मत होइए। गोरखनाथ: एक काम बता दीजिए। अगर हमारे कहने पर आपने एक लेखपाल बदल दिया हो। हमारे लिए सबसे खास प्रताप है, वह मुझे सम्मान देता है। मैंने आपसे कहा था कि उसका काम हो जाना चाहिए। SDM: प्रताप का कौन सा काम है? गोरखनाथ: उसने बैनामा लिया है, मामला लीगल है। वह काबिज नहीं हो पा रहा। हम आपको कितनी बार कहें? SDM: हमने तो वहां के लिए टीम बनाई थी। गोरखनाथ: अब हम आपको फोन नहीं करेंगे। आप खूब एसडीएमगिरी करिए। जब हम लौटेंगे और हमारा भाषण होगा, तब देख लेंगे। ………………….. ये खबर भी पढ़िए- एनकाउंटर में मारे गए जीशान की शादी होनी थी:पिता बोले- लड़की देख रहे थे; यूट्यूबर सलीम वास्तिक का गला रेत भाइयों ने कपड़े बदले गाजियाबाद के यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हमला करने वाले जीशान सैफी और गुलफाम का CCTV सामने आया है। वीडियो में दोनों भाई लोनी स्थित यूट्यूबर के घर के आसपास दिखाई दिए हैं। दोनों बाइक से भागते नजर आए। उनके कपड़ों पर खून लगा हुआ है। पढ़ें पूरी खबर….