मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी VB–G Ram G किए जाने पर सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कहा-मनरेगा को लेकर भाजपा सरकार का दृष्टिकोण अव्यवहारिक है। ये सिर्फ गांधी का नाम बदलना चाहते हैं। मजदूरों के हितों की इन्हें कोई चिंता नहीं है। भाजपा को महात्मा गांधी के नाम से नफरत है। अगर महात्मा गांधी के नाम से इतनी चिढ़ है तो अपनी और संतुष्टी कर लो, महात्मा गांधी के नाम की जगह नाथूराम गोडसे के नाम पर योजना का नाम रख दो। बवाल खत्म हो जाए। पहले पढ़िए क्या है मामला
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी VB–G Ram G 18 दिसंबर को लोकसभा और राज्यसभा से पास हो गया। 18 दिसंबर को राज्यसभा में करीब रात 12 बजे तक VB-G-RAM-G बिल पर तक चर्चा चली थी। लोकसभा में 17 दिसंबर को 14 घंटे चर्चा हुई थी। बिल राज्यसभा से 12:30 बजे पास हो गया। यह 20 साल पुराने MGNREG एक्ट की जगह लेगा। इसके पहले राज्यसभा में सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (SHANTI) बिल पास कर दिया गया। अब विस्तार से पढ़िए… विपक्षी दल विरोध में उतरे
कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने लोकसभा में कहा था-मनरेगा का नाम पहले महात्मा गांधी के नाम पर नहीं रखा गया। वो तो पहले नरेगा थी। बाद में जब 2009 के चुनाव आए तब चुनाव और वोट के कारण महात्मा गांधी याद आए। इसके बाद उसमें जोड़ा गया महात्मा गांधी। इससे पहले विपक्ष ने इस बिल के विरोध में संसद परिसर में मार्च निकाला। इसमें विपक्ष के 50 से ज्यादा सांसदों ने हिस्सा लिया और VB-G-RAM-G बिल वापस लेने के नारे लगाए। कांग्रेस देशभर में इसको लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रही है। अब पढ़िए सुमन ने क्या कहा
इधर, सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने भी मनरेगा का नाम बदले जाने को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। आगरा में उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा-सबसे बड़ा सवाल ये है 2005 में शुरू हुई मनरेगा योजना। इसका मकसद था कि ग्रामीण अंचल में जो श्रमिक हैं, बेरोजगार हैं, उन्हें काम मिले। सरकार ने समीक्षा तो की नहीं, उसका नाम बदल दिया। इनको महात्मा गांधी के नाम से नफरत है। गांधी का पूरी दुनिया में था सम्मान
सपा सांसद ने कहा-इन्हें (भाजपा) याद रखना चाहिए, गांधी से बड़ा आदमी दुनिया में कोई पैदा नहीं हुआ। सोवियत रूस को छोड़कर दुनिया का ऐसा कोई झंडा नहीं था जो महात्मा गांधी के सम्मान में न झुका हो। गांधी तो अजर-अमर हैं। जहां तक योजना का सवाल है, आम आदमी को लाभ कैसे हो? श्रमिक को लाभ कैसे हो? इस पर भाजपा सरकार का कोई ध्यान नहीं है। मजदूरी में विसंगतियां
सुमन ने कहा-मनरेगा की मजदूरी में भी काफी विसंगतियां हैं। उत्तर प्रदेश जो मनरेगा श्रमिक है, उसकी मजदूरी है 252 रुपये। उन्हें 50 दिन काम भी नहीं मिल रहा। जबकि पूर्व में इनकी मजदूरी 400 रुपये होने की सिफारिश हो चुकी है। हकीकत है ये है कि मजदूर को बाहर 500 रुपये मिल रहा है तो 252 रुपये पर कौन काम करेगा। सुमन लगातार साध रहे भाजपा सरकार पर निशाना
सपा सांसद रामजीलाल सुमन भाजपा सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं। इससे पहले वे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। सुमन ने कोडीन कफ सिरप मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पलटवार करते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की है। इस मामले में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर लगाए आरोपों के जवाब में सुमन ने कहा-CM योगी अपने गुनाहों को छुपाने और आपराधिक प्रवृति के लोगों को बचाने के लिए अनावश्यक रूप से बात कर रहे हैं। कहा-CM योगी को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा था-उत्तर प्रदेश में जाति और धर्म को देखकर बुलडोजर चलता है। जो पेशेवर अपराधी हैं…बड़े अपराधी हैं…दुर्दांत अपराधी हैं, उन पर बुलडोजर नहीं चलता। ——— ये खबर भी पढ़ें- अखिलेश का जिस कोट पर आया दिल…7 दिन में बनेगा:मेरठ के टेलर ने लिया नाप, कारोबारी ने पसंद किया कपड़ा सपा प्रमुख अखिलेश यादव का दिल जिस जोधपुरी कोट पर आया था, वह उन्हें अगले 7 दिन में तैयार होकर मिल जाएगा। मेरठ से कपड़ा कारोबारी रविवार को अपने काबिल टेलर के साथ लखनऊ पहुंचे। जहां अखिलेश ने अपना नाप दिया। पढ़िए पूरी खबर….