भाजपा नेता की पत्नी को चुनाव न लड़ने की धमकी:बबली यादव ने कहा- पति के हत्यारे से एक बार मिलना चाहती हूं, आखिर मेरे पति को क्यों मारा

प्रयागराज में भाजपा नेता रणधीर यादव की हत्या को 2 महीने का समय बीत चुका है। हत्यारोपी रामसिंह और उदय यादव को पुलिस ने जेल भेज दिया है। वहीं, भाजपा नेता रणधीर यादव की पत्नी व जिला पंचायत सदस्य बबली यादव अब भी पति की मौत को एक बड़ी राजनीतिक साजिश बता रही है। उन्होंने कहा- मैं पति की राजनीतिक विरासत को किसी भी हाल में नहीं खोने देंगी। इसके लिए मैं रात दिन वार्ड नंबर 46 के 52 गांव की जनता से रोज मुलाकात कर जनाधार मजबूत करने में लगी हुई है। क्षेत्र की जनता भी पूरी शिद्दत से मुझे प्यार और आशीर्वाद देती है। मेरी लोकप्रियता को बढ़ता देख मेरे राजनीतिक प्रतिद्वंदी मुझे भी पति की तरह रास्ते से हटाने का षडयंत्र रच रहे हैं। मुझे लगातार धमकियां मिल रही है। इसको लेकर दैनिक भास्कर ने जिला पंचायत सदस्य बबली यादव से बातचीत की। बातचीत के दौरान बबली यादव के चेहरे पर एक साथ दो भाव देखने को मिले एक पल में गुस्सा और पलक झपकते ही दुख से आंखों में आंसू आ गए। वह खुद को संभाल नहीं सके और रो पड़ी। बबली के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें उदय यादव से एक बार भी आमना सामान नहीं कराया। उन्होंने पुलिस अफसरों से उसके लिए मिन्नतें की, लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी। आखिर वह पति के हत्यारोपी उदय यादव से क्यों मिलना चाहती है। इस सवाल के जवाब में जिप सदस्य बबली यादव ने कहा- वह एक सवाल उदय से पूछना चाहती है कि उसे मेरे पति और बच्चों के पिता को मार कर क्या मिला। मेरे पति की हत्या किसी बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। यह बात मई शुरू से कह रही हूं, लेकिन कोई मेरी नहीं सुन रहा है। पंचायत चुनाव सिर पर आ गया है। इसके चलते मुझे धमकियां मिल रही है कि चुनाव छोड़ो घर में चुप होकर बैठो। जिला पंचायत सदस्य बबली यादव से पूरे मामले को समझने और उनकी पंचायत चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से बातचीत की। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: पति की हत्या का रहस्य पुलिस ने खुलासा कर हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिर भी आप राजनीतिक हत्या की बात किस आधार पर कह रही है?
जवाब: मेरे पति रणधीर यादव वार्ड नंबर 46 से जिला पंचायत सदस्य साल 2015 में चुने गए थे। उस समय वह समाजवादी पार्टी में हुआ करते थे। क्षेत्र में राजनीतिक दबाव के चलते साल 2022 के पंचायत चुनाव पर्चा दाखिल करने से पहले हमें खूब परेशान किया गया। मेरे नामांकन से पहले क्षेत्र के एक गाव में हुई जघन्य अपराध की घटना में पति रणधीर का नाम जोड़ कर पुलिस से प्रताड़ित कराया गया। यहां तक कि उसके घर में घुस कर बदमाशों द्वारा मारपीट की गई। पुलिस ने राजनीतिक दबाव में आकर उनका उनके पति समेत पूरे परिवार का उत्पीड़न किया गया। मजबूरन हमें सत्ताधारी दल में शरण लेनी पड़ी। सवाल: पति की हत्यारोपी जेल जा चुके हैं, बावजूद इसके आपको जान का भय क्यों?
जवाब: राजनीतिक विरोधियों ने पति को रास्ते से हटाकर उनकी राजनीतिक जमीन को हथियाने की कोशिश में लगे है, लेकिन पति की मौत के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है। वह किसी भी कीमत में उनकी राजनीतिक विरासत को नहीं खोना चाहती है। इसलिए वह अपनी जनता के बीच जाकर आशीर्वाद की कामना कर रही है। क्षेत्र में उनकी सक्रियता को देख कर विरोधियों की नींद उड़ गई है। अपनी हार आंखों के सामने देख वह उनके अब धमका रहे है कि चुनाव लड़ने पर अंजाम भुगतना होगा। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वह निडर और निर्भीक होकर क्षेत्र के जनता की सेवा करती रहेगी। सवाल: आप जिला पंचायत सदस्य हैं, चुनाव की तैयारी कैसी चल रही है?
जवाब: तैयारी है, लेकिन संघर्ष भी बहुत है। पति के जाने के बाद परिवार का आजीविका का सारा बोझ मुझ पर आ गया है। बच्चों की देखभाल अकेले करना पड़ रहा है। सवाल: पति की मौत के बाद उनकी कार 2 माह बाद मिली, क्या-क्या नुकसान हुए?
जवाब: गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, अंदर सामान जला हुआ है, बैटरी और टायर खराब हैं। नकदी, चैन व फोन भी गायब हैं। राइफल का पता नहीं चल पाया। सवाल: पति की हत्या के बाद पुलिस ने जो कार्यवाही की क्या आप उससे संतुष्ट है?
जवाब: आरोपियों को रिमांड पर लेने की बात कही गई थी, पर हमें उनसे मिलवाया नहीं गया। कुछ लोगों को पकड़ा गया पर राइफल नहीं मिली और जांच से संतोष नहीं हुआ। सवाल: आप लगातार धमकियां मिलने की बात कह रही हैं, कौन लोग है?
जवाब: घर पर लोग आकर कहते हैं कि घर में रहो, चुनाव मत लड़ो, क्षेत्र में मत जाओ। लगातार डराया जा रहा है। पति रणधीर के समय से उनके राजनीतिक विरोधी है, इसमें सत्ता से जुड़े नाम भी है और विपक्ष से जुड़े कई नाम है। अभी खुलासा करने का समय नहीं है, समय आने पर एक एक बात का खुलासा सबके सामने आकर करुंगी। सवाल: आप चुनाव प्रचार में लगातार सक्रिय है, क्षेत्र की जनता का रुख क्या है?
जवाब: जनता पूरी तरह समर्थन में है। वे कह रहे हैं कि अगर सरकार मदद नहीं करेगी तो वे खुद इकट्ठा कर चुनाव लड़वाएंगे। महिलाएं और बुजुर्ग बहुत सहानुभूति दिखा रहे हैं। गांव की महिलाएं उन्हें देख कर रोने लगती है। देखकर लगता है कि अपना दुख साझा करूं या फिर उन्हें ढांढ़स बढ़ाऊ। सवाल: पति के हत्या के बाद आपको सरकार से आर्थिक मदद मिलनी थी, क्या वह मिली?
जवाब: नहीं ,हम मुख्यमंत्री तक अपनी गुहार ले जाना चाहेंगे। अगर मदद नहीं मिली तो हम बच्चों के साथ वहीं बैठकर अपनी मांगें उठाएंगे। हम डरकर नहीं बैठेंगे, पति की मेहनत और जनता की उम्मीद के लिए लड़ना है। सवाल: बच्चों और परिवार की हालत कैसी है?
जवाब: बच्चे व परिवार मानसिक रूप से टूटे हुए हैं। आसपास की महिलांए बहनों जैसा स्नेह दिखा रही हैं, पर हमें आर्थिक व सुरक्षा मदद चाहिए। सवाल: आप प्रदेश के मुख्यमंत्री से क्या मांग करना चाहेंगी?
जवाब : हम मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से न्याय और सुरक्षा चाहते हैं। सरकार से कार्रवाई और मदद की उम्मीद है, अन्यथा हम अपने हकों के लिए सड़कों पर आवाज़ उठाएंगे। ———————- ये खबर भी पढ़ें… दोस्त की बीवी का खर्च उठाता था BJP नेता:प्रयागराज में हर महीने मोटी रकम देता; अवैध संबंधों का पता चलने पर हुई हत्या
प्रयागराज में BJP नेता रणधीर सिंह यादव की हत्या के बाद लव अफेयर के नए फैक्ट सामने आए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि रणधीर सिंह यादव का लव अफेयर उसकी हत्या के मुख्य आरोपी डॉ. उदय की पत्नी अंजली से था।रणधीर अपने बैंक अकाउंट से हर महीने एक फिक्स रकम अंजली को ट्रांसफर करता था। पुलिस मान रही है कि अंजली इस रकम को अपनी जरूरतों पर खर्च करती होगी। पढे़ं पूरी खबर…