मंत्री संजय निषाद के PRO पर गाली-गलौज का आरोप:गोंडा मत्स्य विभाग के CEO ने तकनीकी कर्मचारी संघ अध्यक्ष को लिखा पत्र, फिशरमैन HO अटैच

गोंडा जिले के मत्स्य विभाग में तैनात मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के निजी पीआरओ राजीव कुमार यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इंद्रजीत सिंह ने राजीव यादव पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने, मां को गाली देने, धमकी देने और शोषण करने का आरोप लगाया है। इंद्रजीत सिंह ने इस पूरे प्रकरण को संज्ञान में लेने के लिए उत्तर प्रदेश तकनीकी कर्मचारी संघ, मत्स्य विभाग के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। यह पत्र 24 जनवरी को लिखा गया था। पत्र लिखे जाने के बाद, कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कार्रवाई करते हुए गोंडा मत्स्य विभाग में तैनात फिशरमैन प्रशांत कुमार को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय अटैच कर दिया है। प्रशांत कुमार को मुख्यालय अटैच करने का कारण यह है कि उन्होंने ही इंद्रजीत सिंह को गाली-गलौज की रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई थी। राजीव कुमार यादव ने प्रशांत कुमार के फोन पर ही अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकी दी थी। फिशरमैन प्रशांत कुमार ने बताया कि 23 जनवरी को जब उनके अधिकारी इंद्रजीत सिंह तरबगंज में एक सरकारी कार्य में व्यस्त थे, तब राजीव यादव का फोन आया। प्रशांत ने फोन पर बात की, जिस दौरान राजीव यादव ने उनके फोन पर ही अधिकारी के लिए गाली-गलौज और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
प्रशांत ने कहा कि जब उनके अधिकारी ने इसका विरोध किया, तो उन्हें हटा दिया गया, जबकि उनकी कोई लापरवाही या गड़बड़ी नहीं थी। उनका काम केवल ड्यूटी लगाना और कार्यालय का काम देखना है। वहीं, राजीव कुमार यादव ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा कोई भी गाली गलौज नहीं किया गया है मैं सरकारी गाड़ी से गया था सरकारी गाड़ी में तेल डलवाने का काम विभाग का है मेरा नहीं है। मुझे बलरामपुर एक तालाब के निरीक्षण में जाना था इसलिए मैं गोंडा रुका था। मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि 23 जनवरी 2024 को शाम 7:19 बजे राजीव कुमार यादव ने उन्हें सर्किट हाउस में अपने आगमन की सूचना दी थी और रात 8:00 बजे सर्किट हाउस आने का निर्देश दिया था। मेरे द्वारा अवगत कराया गया कि मेरे पास वाहन की सुविधा नहीं है मैं ई रिक्शा के माध्यम से ही सर्किट हाउस आ पाऊंगा। इसके बाद मेरे द्वारा फिशरमैन प्रशांत कुमार को सर्किट हाउस जाकर के नाश्ता आदि की व्यवस्था करने के लिए निर्देश दिया गया। मेरी ड्यूटी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के रूप में तरबगंज तहसील में लगाई गई थी जिसमें लौटते समय काफी विलंब हो गया था और मेरा मोबाइल फोन चार्ज न होने के कारण स्विच ऑफ हो गया था। किसी तरीके से मैं अपने मोबाइल फोन को चार्ज करके ई रिक्शा करके सर्किट हाउस के लिए निकला ।तो रास्ते में मेरे द्वारा प्रशांत कुमार से बात की गई व्यवस्था के संबंध में तो प्रशांत कुमार ने बताया कि राजीव कुमार यादव ने मेरे फोन पर आपके प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मां की गाली दी गई है और वह बलरामपुर के लिए निकल गए हैं। इसके बाद मेरे द्वारा राजीव यादव से बात करके बताया गया कि मेरा फोन चार्ज नहीं था और 15 मिनट बंद था इसके साथ ही साथ ई-रिक्शा न मिलने के कारण 15 मिनट का विलंब हुआ है। तो राजीव यादव ने मुझे धमकी भरी भाषा में बात की गई और मुझे धमकाया गया कि तुमको मैं नहीं छोडूंगा। इंद्रजीत ने यह भी आरोप लगाया है कि राजीव यादव ना तो राजकीय सचिव है और ना ही गोंडा में उनके आने को लेकर के कोई प्रोग्राम भेजा जाता है। राजीव यादव गोंडा में किस काम से आए थे यहां भी नहीं पता है ना ही अवगत कराया है। 24 दिसंबर 2025 को भी इसी तरीके से बिना किसी सूचना के लिए गोंडा आए थे और बिना किसी कारण के बिना किसी प्रोटोकॉल के यहां आकर के तेल भरने और खाना खिलाने के नाम पर धनराशि की मांग की गई थी। मना करने पर इन्होंने अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया था ऐसी स्थिति राजकीय हित में कतई स्वीकार नहीं है और सरकारी कार्मिकों का मनोबल कमजोर होता है। वही जब इस पत्र के पुष्टि को लेकर के मुख्य कार्यकर अधिकारी इंद्रजीत सिंह से बात की गई तो उन्हें बताया कि मेरे द्वारा पत्र 24 जनवरी को ही लिखकर के भेजा गया था। संगठन द्वारा ऊपर इस बात को रखा गया तो उसी के कारण फिशरमैन प्रशांत कुमार को हटा दिया गया जबकि उसकी कोई गलती नहीं थी। ना ही उसके द्वारा कोई घोटाला किया गया है इन्होंने उसके फोन पर मुझे गाली दिया था उसकी रिकॉर्डिंग मैंने उसके फोन से लेकर के इसके शिकायत की थी। इस तरीके से कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है मैं चाहता हूं कि पूरे मामले की जांच कराई जाए हमारे संगठन के लोगों ने ऊपर बात की है।