मथुरा के ठगों ने बड़े नेता का अकाउंट खाली किया:42 को दौड़ाकर पकड़ा, 400 पुलिसवाले पगडंडी से गांव पहुंचे

मथुरा के ‘मिनी जामताड़ा’ में 4 IPS समेत 400 पुलिसकर्मियों ने छापा मारा। गुरुवार सुबह 5 बजे 30 से ज्यादा गाड़ियों में पुलिसवाले पहुंचे। किसी को भनक न लगे, इसलिए गाड़ियां गांव के बाहर खड़ी की गईं। पुलिस खेतों की पगडंडी से गांव पहुंचीं। उस वक्त लोग सो रहे थे। पुलिस को देखते ही लोग इधर-उधर भागने लगे। कुछ खेतों में छिप गए। पुलिस ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पकड़ा। गांव के एक-एक घर की तलाशी ली गई। करीब 6 घंटे तक कार्रवाई चलती रही। पुलिस 42 लोगों को लेकर रवाना हो गई। ये भी बताया जा रहा है कि 120 से ज्यादा बदमाश खेतों के रास्ते राजस्थान सीमा में भाग गए। उन्हें कहां ले जाया गया है, इसका पता अभी नहीं चल पाया है। सूत्रों के मुताबिक, किसी बड़े नेता के अकाउंट को युवकों ने खाली कर दिया था। इसमें से करोड़ों रुपए निकाल लिए गए। उसकी शिकायत के बाद ही यह छापेमारी की गई। मथुरा में हाल-फिलहाल की सबसे बड़ी रेड है। RAID की 5 तस्वीरें देखिए गांवों को घेरा, फिर लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पकड़ा
जिन गांवों में छापेमारी हुई, उनमें देवसेरस, मोडसेरस, मंडौरा और नगला मेव शामिल हैं। सुबह 5 बजे इन गांवों के बाहर पुलिस की गाड़ियां आकर रुकीं। गाड़ियों से धड़धड़ाते हुए 4 SP, 4 CO, 26 इंस्पेक्टर, 350 से ज्यादा कॉन्स्टेबल और PAC के जवान उतरे। इसके बाद टीमें बनाकर पुलिस गांवों में पहुंची और चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। जैसे ही गांव में रहने वाले ठगों को इसकी भनक लगी, अफरा-तफरी मच गई। लोग दौड़कर इधर-उधर भागने लगे। यह देखकर पुलिस वालों ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ा। खेतों में छिपे लोगों को ढूंढकर निकाला गया। पुलिस ने घरों की तलाशी ली और कई लोगों से पूछताछ भी की। पुलिस ने 7 बाइक, भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, कई फर्जी कागजात, दर्जनों मोबाइल, सिमकार्ड और डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। कई मोबाइलों में ठगी के साक्ष्य, बैंकिंग एप और वारदात से जुड़े संदेश भी पाए गए हैं। क्यों कहते हैं ‘मिनी जामताड़ा’? मथुरा के गोवर्धन में 15 से 20 किमी के दायरे में 7-8 गांव आते हैं। देवसेरस गांव साइबर ठग्स का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है। यह इलाका साइबर ठगों के लिए बेहद मुफीद माना जाता है। वजह- तीन राज्यों का बॉर्डर। एक ओर राजस्थान, दूसरी ओर हरियाणा और तीसरी तरफ यूपी। इन तीनों राज्यों के त्रिकोण में बसे यही गांव साइबर गैंग्स का गढ़ बन चुके हैं। इन्हें यूपी का जामताड़ा कहा जाता है। यहां से ऑनलाइन फ्रॉड, साइबर ठगी, हैकिंग, फिशिंग, स्पैम कॉल-ईमेल, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और सेक्सटॉर्शन का नेटवर्क चलता है। यहां के युवा न आईआईटीयन हैं, न टेक्नोक्रेट… पढ़ाई-लिखाई मुश्किल से 5वीं से 10वीं तक, लेकिन काम साइबर एक्सपर्ट और टॉप हैकर जैसा। चंद मिनट में फोन पर बात करते-करते अकाउंट से पैसे साफ कर देते हैं, वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल कर लेते हैं। 12 घंटे का सर्च ऑपरेशन, 300 से ज्यादा घरों में तलाशी
करीब 12 घंटे तक सर्च आपरेशन चला। शाम पांच बजे तक पुलिस ने घरों से सात बाइकें बरामद कीं। भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, कई फर्जी कागजात, दर्जनों मोबाइल, आधार कार्ड, सिमकार्ड और डिजिटल उपकरण बरामद किए। कई मोबाइलों में ठगी के साक्ष्य, बैंकिंग एप और वारदात से जुड़े चैट भी मिले हैं। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत, एसपी क्राइम अवनीश मिश्रा, एसपी सुरक्षा राजकुमार अग्रवाल और एसपी यातायात मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में 300 से अधिक घरों में तलाशी ली गई। एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि कई दिनों से इन गांवों की निगरानी की जा रही थी, फिर सुबह पांच बजे छापेमारी की गई है। पकड़े गए शातिरों से पूछताछ की जा रही है। पूरे एरिया को मैप के जरिए जानिए- ​​​​​————– ये खबर भी पढ़ें- टीचर की चाइनीज मांझे से गर्दन कटी, तड़पकर मौत जौनपुर में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने से टीचर की मौत हो गई। वह बेटी को स्कूल छोड़कर लौट रहे थे। रास्ते में गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया। उसे निकालने के चक्कर में बाइक बेकाबू हो गई। वह मुंह के बल गिर पड़े। मांझा उनके गले को चीरता चला गया। पढ़ें पूरी खबर