मथुरा की कोतवाली पुलिस ने ज्वैलर्स से यूपीआई के माध्यम से की गई धोखाधड़ी का खुलासा करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया है। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान लविश (20) पुत्र दयाशंकर और मनी सिंह (22) पुत्र स्व. रामू सिंह के रूप में हुई है, जो वर्तमान में लुधियाना, पंजाब के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर रविवार को माल गोदाम रोड के पास से इन अभियुक्तों को पकड़ा गया। इनके खिलाफ थाना कोतवाली में मु.अ.सं. 10/2026 धारा 318(4) बीएनएस सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। फर्जी आधार कार्ड की बरामदगी के बाद अभियोग में धारा 111(4)/338/336(3)/340(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस ने बताया कि 5 जनवरी 2025 को वादी और अन्य ज्वैलर्स ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि अज्ञात व्यक्तियों ने गूगल-पे, फोन-पे और पेटीएम जैसे यूपीआई माध्यमों से भुगतान कर विभिन्न दुकानों से सोने-चांदी के आभूषण खरीदे। इस धोखाधड़ी के कारण दुकानदारों के खाते सीज हो गए थे। आरोपियों ने गेहना ज्वैलर्स, एस.डी. ज्वैलर्स, गोयल ज्वैलर्स, टिस्या ज्वैलरी और बीके ज्वैलर्स से लाखों रुपये मूल्य के सिक्के और आभूषण खरीदे थे। जांच में सामने आया कि अभियुक्त एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं। वे पहले मोबाइल फोन चोरी करते थे, फिर सिम निकालकर दूसरे फोन में डालकर ओटीपी के माध्यम से यूपीआई ऐप्स सक्रिय कर लेते थे। इसके बाद, वे फर्जी आधार कार्ड का उपयोग कर बाजार में खरीदारी करते थे। पुलिस ने मामले में आगे की जांच तेज कर दी है और इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।