राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के ‘मुसलमानों की घरवापसी’ बयान पर हंगामा मच गया है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने अपना पुराना एक वीडियो X पर जारी किया है। हालांकि उन्होंने मोहन भागवत या RSS का नाम नहीं लिया। मदनी ने लिखा- क्या 20 करोड़ मुसलमानों को हिंदू बना दोगे? क्या 6 करोड़ ईसाइयों की भी घर वापसी कराओगे? ऐसे बयान देश को तबाही की ओर ले जाएंगे। जो 70 साल में कहने वाले पैदा नहीं हुए, वो आज 20 करोड़ मुसलमानों की ‘घर वापसी’ की बात कर रहे हैं। ऐसा लगता है मानो सिर्फ उन्होंने ही अपनी मां का दूध पिया हो। जो आवाज देश को तबाही और दुश्मनी की तरफ ले जाए, वह वफादारी की आवाज नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, देश में नफरत का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘घर वापसी’ के नाम पर 20 करोड़ मुसलमानों और 6 करोड़ ईसाइयों को धर्म बदलवाने की बात करना न केवल अव्यावहारिक है बल्कि संविधान और सामाजिक सद्भाव के खिलाफ भी है। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… अब मौलाना मदनी के बयान की बड़ी बातें पढ़िए… 1- इस्लाम कयामत तक जिंदा रहेगा: मुसलमान अपने धर्म पर कायम रहेंगे और किसी भी दबाव में धर्म परिवर्तन स्वीकार नहीं करेंगे। मुसलमान जिंदा हैं और अपने धर्म पर जिंदा रहेंगे। मुसलमानों को मिटाने वाले खुद मिट गए, मगर इस्लाम जिंदा है और कयामत तक जिंदा रहेगा। 2- सद्भाव केवल संविधान से संभव: देश में शांति, भाईचारा और आपसी सद्भाव केवल धर्मनिरपेक्ष संविधान की छाया में ही संभव है। किसी भी धर्म के नाम पर हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती। सभी धर्म मानवता, प्रेम और सहिष्णुता का संदेश देते हैं। 3- मॉब लिंचिंग और धार्मिक हिंसा बढ़ी: देश में मॉब लिंचिंग और धार्मिक हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। गाय के नाम पर बेगुनाह लोगों को मारा जा रहा है, गिरजाघरों में आग लगाई जा रही है और सरकार चुप है। 4- दोनों का खून बहेगा: तीन तलाक जैसे मुद्दों पर आवाज उठाने वाले लोग अन्य कथित अत्याचारों पर चुप क्यों रहते हैं? उनके मुताबिक, यदि नफरत की राजनीति जारी रही तो आने वाले समय में अक्सरियत और अल्पसंख्यक दोनों का खून बहेगा और गली-कूचों में हिंसा फैल सकती है। 5- देश की असली ताकत, हम उसके साथ: देश की असली ताकत उसका संविधान है। कुछ संगठन और राजनीतिक ताकतें देश के सेक्युलर ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। हमारे पास सत्ता की ताकत नहीं है, लेकिन हम संविधान के साथ खड़े हैं। 6- बुजुर्गों ने आजादी के लिए कुर्बानियां दीं: जमीयत पहले भी नफरत की राजनीति के खिलाफ थी और आगे भी रहेगी। हमारे बुजुर्गों ने आजादी के लिए कुर्बानियां दीं, अपमान सहा, लेकिन मोहब्बत और भाईचारे का रास्ता नहीं छोड़ा। देश नफरत से नहीं, मोहब्बत से चलता है। मंत्री राजभर बोले- मौलाना शिक्षा की बात क्यों नहीं करते मौलाना अरशद मदनी के बयान पर मंत्री ओपी राजभर ने कहा, ये मौलवी और मौलाना लोग जो बयान दे रहे हैं, वे समुदाय की शिक्षा के बारे में बात क्यों नहीं करते? वे समुदाय के स्वास्थ्य की चिंता क्यों नहीं करते? वे समुदाय के लिए रोजगार और नौकरियों के बारे में क्यों नहीं बोलते? वे समुदाय के हिस्सेदारी की बात क्यों नहीं करते? ये समुदाय को नफरत की भाषा पढ़ाते हैं। भाजपा विधायक ने कहा- मौलाना ISI एजेंट
भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने अरशद मदनी के बयान पर कहा, हिंदुस्तान में तो पहली बात मुसलमान नहीं हैं। ये जमीयत वाला जो है, एक तो मुझे लगता है कि ये आतंकवादियों को कहीं ना कहीं लीगल एडवाइस भी देता है और वकील उपलब्ध कराता है। जितने आतंकवादियों के मरने पर दर्द होता है, वहां जाता है, ये भारत में ISI के एजेंट हैं। ज्यादा दिन नहीं है जब इन्हें पाकिस्तान जाना पड़ेगा, क्योंकि वो ही इनका असली मुल्क है। अब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान पढ़िए… संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को लखनऊ में कहा- भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिंदू हैं, वे कोई अरब से नहीं आए है। घर वापसी का काम तेज होना चाहिए। जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा। संघ प्रमुख ने बढ़ती घुसपैठ पर कहा, घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा। उन्हें रोजगार नहीं देना है। हिंदुओं की घटती जनसंख्या दर पर कहा, हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। अभी जनसंख्या दर 2.1 है। यह कम से कम 3 होनी चाहिए। जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है। अब जो भी बच्चे शादी कर रहे हैं, उन्हें बताइए कि कम से कम तीन बच्चे पैदा करें। डॉ. भागवत ने कहा कि विवाह का उद्देश्य सृष्टि आगे चले, यह होना चाहिए, वासना पूर्ति नहीं। इसी भावना से कर्तव्य बोध आता है। मुगल और अंग्रेज हिंदू धर्म संस्कृति को मिटा नहीं सके
जातिवाद पर मोहन भागवत ने कहा, 500 साल मुगल और 200 साल अंग्रेज शासन कर चले गए, लेकिन हिंदू धर्म संस्कृति इतनी मजबूत है कि उसे मिटा नहीं सके। जब इतने सालों में हिंदू धर्म का कोई कुछ नहीं बिगड़ सका तो कोई अब क्या बिगाड़ पाएगा। समाज में जो जाति की विषमता फैल रही है, उसे दूर करना होगा। यह किसी सरकार या संगठन का काम नहीं है, बल्कि इसे समाज के प्रत्येक वर्ग और व्यक्ति को मिलकर करना होगा। अपनी बिरादरी के लोगों की शिक्षा और उन्नति का प्रयास करें। हर बिरादरी में अपना एक मित्र और परिवार बनाएं। आसपास के लोगों के साथ सद्भाव बनाएं। पूरी खबर पढ़ें ————- यह खबर भी पढ़िए:- अविमुक्तेश्वरानंद बोले- डिप्टी सीएम पाप धोने-पोंछने का काम कर रहे:उनके पास पावर ही नहीं; योगी असली हिंदू या फिर वेशधारी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सीएम योगी पर हमलावर हैं। उन्होंने गुरुवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- दोनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव मौर्य भाजपा को हो रही क्षति को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ये मठाधीश महाराज हठ पर उतारू हैं। कालनेमि कौन है? इसका स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। ये असली हिंदू हैं या फिर छल, वेशधारी और ढोंगी आचरण के हैं। अविमुक्तेश्वरानंद ने संत समाज को अल्टीमेटम दिया। कहा- 10 दिन में बताएं कि आप किसके साथ हैं। जो उनके पक्ष में होगा, उसके साथ भी सीएम जैसा व्यवहार किया जाएगा। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के 101 बटुकों की पूजा करने पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- उन्होंने ऐसा कर अपनी भावना दिखाई है। उन्होंने यह बताया कि मेरे मुख्यमंत्री, आपने जो किया वह पाप था, जिसे मैं धोने-पोंछने का प्रयास कर रहा हूं। अगर यह सब राजनीति के तहत नहीं होता, तो जिस बटुक की चोटी खींची गई थी, उसे बुलाकर पूजन करते? पढ़ें पूरी खबर…