मशीन से बांग्लादेशी बताने वाला SHO बोला- मजाक किया था:ACP को जांच सौंपी, लखनऊ से रिपोर्ट मांगने के बाद एक्शन

गाजियाबाद में मशीन से घुसपैठिए पहचानने वाले SHO अब सफाई देते घूम रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद सवालों में घिरे SHO कौशाम्बी अजय शर्मा ने पूरे प्रकरण को मजाक बताया। कहा- ऐसी कोई मशीन नहीं है। मैं हंसते हुए बोल रहा था कि सही बताओ, नहीं तो मशीन बता देगी। मेरा मकसद सिर्फ सच जानना था। इरादा गलत नहीं था। मामला अब लखनऊ तक पहुंच गया है। लखनऊ से अधिकारियों ने गाजियाबाद पुलिस अफसरों से जानकारी मांगी है। पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गोड के निर्देश पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था ने एसीपी को जांच सौंप दी है। दरअसल, अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए SHO कौशाम्बी अजय शर्मा की टीम पीठ पर मशीन लगा रही थी। मशीन के हवाले से पुलिसवाले दावा कर रहे थे कि यह भारतीय नहीं, बांग्लादेशी है। हालांकि, युवक पुलिस के इस दावे को नकारते हुए खुद को बिहार के अररिया का निवासी बता रहा। दरअसल, 23 दिसंबर को कौशाम्बी पुलिस भोवापुर के पास स्लम एरिया में बांग्लादेशियों की पहचान करने पहुंची थी। अब वीडियो सामने आने के बाद SHO की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। लोग पुलिस के इस तरीके की आलोचना कर रहे हैं। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर ने ‘X’ पर पोस्ट वीडियो का जवाब देते हुए लिखा था- अपराधों को रोकने के लिए पुलिस समय-समय पर झुग्गी-झोपड़ी और अस्थायी बस्तियों में रहने वाले लोगों से पूछताछ करती है। उनकी जांच करती है। ऐसे ही कौशाम्बी पुलिस ने लोगों की पहचान के लिए उनके दस्तावेज देखे। खबर में आगे बढ़ने से पहले इस पोल पर अपनी राय दें… पढ़िए, SHO ने दैनिक भास्कर से बातचीत में क्या-क्या कहा… सवाल: आप थाना प्रभारी हैं। आपका वीडियो सामने आया है। क्या कहेंगे?
जवाब: वीडियो में मेरे साथ थाना पुलिस भी है। झुग्गियों में लोगों का सत्यापन कराया जा रहा था, जिसमें मेरा मकसद सिर्फ इतना था कि तलाशी के दौरान ये लोग सच बोलें। सवाल: सत्यापन आखिर क्यों किया जा रहा है?
जवाब: इलाके में पहले भी पांच बांग्लादेशी गिरफ्तार हो चुके हैं। कौशाम्बी थाने में FIR भी दर्ज है। जो भी झुग्गी झोपड़ी में रह रहा है, उनकी जांच के लिए ऊपर से निर्देश हैं। सत्यापन जरूरी है। सवाल: क्या कोई मशीन ऐसी है आपके पास, जो नागरिकता चेक कर सकती है?
जवाब: ऐसी कोई मशीन नहीं है। मैंने यह गलत तरीके से नहीं कहा था। मैं हंसते हुए बोल रहा था कि सही बताओ, नहीं तो मशीन बता देगी। आप कहां के रहने वाले हो। मेरा मकसद सिर्फ सच जानना था। सवाल: आपने अभियान के दौरान बांग्लादेशी क्यों कहा?
जवाब: मेरी मंशा सिर्फ इतनी थी कि वो लोग सच बोलें। मैं उनसे कोई जबरदस्ती नहीं कर रहा था। मेरठ में SHO पर दर्ज हुआ था रेप का मुकदमा
SHO अजय शर्मा का नाम पहले भी विवादों में रहा है। जून, 2022 में मेरठ के पल्लवपुरम थाने में उनके खिलाफ एक महिला ने रेप का मुकदमा दर्ज कराया था। उस समय अजय शर्मा दरोगा थे। हालांकि, रेप का जो मुकदमा दर्ज हुआ था, उसमें एफिडेविट लगा दिया गया था। आरोप सही नहीं पाए गए थे। इसके अलावा मेरठ के SSP ऑफिस में रीडर रहते हुए भी अजय शर्मा कई बार विवादों में आए थे। हालिया वीडियो के बाद उनके व्यवहार को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। अब वायरल वीडियो के बारे में जान लीजिए… एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने जांच शुरू कराई एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर वीडियो का संज्ञान लिया गया है। इस मामले में इंदिरापुरम एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव को जांच सौंपी गई है। ACP इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया- वीडियो थाना क्षेत्र कौशाम्बी में स्थानीय पुलिस टीम की तरफ किए जा रहे एरिया कंबिनेशन का है। एरिया कंबिनेशन के समय अस्थाई बस्ती और झुग्गी में रहने वाले निवासियों से पूछताछ और सत्यापन की प्रक्रिया की जा रही थी। इसी दौरान थाना प्रभारी कौशाम्बी वहां रह रहे निवासियों से बात कर रहे थे। इस संबंध में थाना प्रभारी कौशाम्बी को सख्त चेतावनी दी गई है कि ऐसी व्यवहार की भविष्य में पुनरावृत्ति ना हो। सभी तथ्यों की जांच करके आगे की कार्यवाही की जा रही है। ———————— ये खबर भी पढ़िए… यूपी में बूंदाबांदी, 4 दिन भयंकर ठंड पड़ेगी, 30 जिलों में कोहरा, इटावा में ट्रक टकराए, ड्राइवर जलकर कंकाल हुआ उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर जारी है। शिमला, मनाली और नैनीताल जैसे हिल स्टेशनों से भी ज्यादा सर्दी पड़ रही है। इस बीच नए साल पर पश्चिमी यूपी में मथुरा, हाथरस, बदायूं और फर्रुखाबाद समेत कई जिलों में हुई बूंदाबांदी ने ठिठुरन बढ़ा दी। प्रदेश में सीजन में पहली बार रात के वक्त न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पूरी खबर पढ़िए