बलरामपुर। जिला एवं सत्र न्यायालय ने महिला पर केमिकल अटैक और जानलेवा हमला करने के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उन पर 2 लाख 2 हजार 500 का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति’ (फेज-5.0) के तहत एक महत्वपूर्ण न्यायिक सफलता मानी जा रही है। घटना 29 मार्च 2025 को थाना गौरा चौराहा क्षेत्र के ग्राम महरी के पास हुई थी। एक महिला गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली थी। अस्पताल पहुंचने पर पीड़िता ने बताया कि अभियुक्तों ने उसे जान से मारने की नीयत से सिर पर धारदार हथियार से वार किया और उसके चेहरे पर केमिकल फेंक दिया था। पीड़िता की तहरीर के आधार पर थाना गौरा चौराहा में मु0अ0सं0 28/2025 के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में सिद्धार्थनगर जनपद के बेलगड़ा निवासी अजय कुमार उर्फ गौरी शंकर और तिलौरी निवासी धर्मेंद्र सोनी को नामजद किया गया था। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत इस मुकदमे को प्राथमिकता से चिन्हित कर पैरवी की गई। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार के निर्देश पर विवेचना से लेकर न्यायालय में प्रभावी पैरवी तक हर स्तर पर सशक्त प्रयास किए गए। मॉनिटरिंग सेल के नोडल प्रभारी अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के नेतृत्व में जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) कुलदीप सिंह, मॉनिटरिंग सेल प्रभारी बृजानंद सिंह और थाना गौरा चौराहा की पुलिस टीम ने मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश कर अभियोजन पक्ष को मजबूती प्रदान की। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया। इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि महिला उत्पीड़न और हिंसा के मामलों में कानून अब त्वरित और निर्णायक कार्रवाई कर रहा है। ‘मिशन शक्ति’ और ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ जैसे अभियानों के माध्यम से पुलिस की प्रभावी पैरवी से अपराधियों को कठोर दंड दिलाया जा रहा है।