महोबा में गैस की किल्लत और कालाबाजारी की अफवाहों को लेकर जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में गैस और ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और अफवाह फैलाने वालों व कालाबाजारी करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जनता को घबराने या अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। कलेक्ट्रेट में गैस एजेंसी संचालकों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी ने पुलिस प्रशासन और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक का उद्देश्य पिछले कुछ दिनों से घरेलू गैस की किल्लत और कालाबाजारी को लेकर फैल रही भ्रांतियों को दूर करना था।
डीएम गजल भारद्वाज ने बताया कि जिले में औसतन प्रतिदिन 1500 से 2000 गैस सिलेंडरों की मांग रहती है, जबकि प्रशासन के पास वर्तमान में 5000 से अधिक सिलेंडरों की आपूर्ति उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि लोग घबराहट में अतिरिक्त सिलेंडर स्टॉक कर रहे हैं, जिससे ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम पर अनावश्यक दबाव पड़ रहा है। प्रशासन ने बुकिंग के नियम भी स्पष्ट किए हैं। शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल पर ही अगली बुकिंग की जा सकेगी। यदि आईवीआरएस सिस्टम में तकनीकी समस्या आती है, तो उपभोक्ता व्हाट्सएप, मोबाइल ऐप, फोन-पे या पेटीएम जैसे अन्य माध्यमों से भी बुकिंग कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति पर फिलहाल अस्थायी रोक लगाई गई है। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों को लगातार फील्ड में निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति या फर्म पेट्रोल, डीजल या गैस का अवैध भंडारण या कालाबाजारी करते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम जनता को आश्वस्त किया है कि सिलेंडरों की होम डिलीवरी सामान्य रूप से जारी रहेगी, इसलिए किसी को भी गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने या अफवाहों के आधार पर सिलेंडर जमा करने की जरूरत नहीं है।