पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा की ‘वादाखिलाफी जन आक्रोश रथ यात्रा’ महोबा के आल्हा चौक पहुंची। कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकालकर केंद्र सरकार को 2014 में किए गए वादे की याद दिलाई। यह मशाल जुलूस बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की पुरानी मांग को फिर से तेज करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। कार्यकर्ताओं ने हाथों में जलती मशालें लेकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मोर्चा का कहना है कि जब तक बुंदेलखंड अलग राज्य नहीं बन जाता, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा। मोर्चा के प्रमुख भानु सहाय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बुंदेलखंड की जनता से अलग राज्य बनाने का वादा किया गया था, जो दो कार्यकाल बीतने के बाद भी अधूरा है। यह यात्रा चित्रकूट से शुरू हुई थी और अब तक चित्रकूट, बांदा, पन्ना, दमोह, सागर, टीकमगढ़, ललितपुर, दतिया, जालौन और हमीरपुर जैसे प्रमुख जिलों से होकर गुजर चुकी है। यात्रा का उद्देश्य बुंदेलखंड के हर जिले में जन-जन को जागरूक करना है। भानु सहाय ने जानकारी दी कि होली के त्योहार को देखते हुए यात्रा को महोबा में अस्थायी रूप से रोका गया है। होली के ठीक बाद यह यात्रा पुनः शुरू होगी और 13 मार्च को ओरछा के प्रसिद्ध रामराजा मंदिर में इसका समापन होगा। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि बुंदेलखंड के विकास का एकमात्र रास्ता ‘पृथक राज्य’ का निर्माण ही है। इस मौके पर बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर, चंद्रशेखर स्वर्णकार, गया प्रसाद और अमरचंद विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि बुंदेलखंड की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिक्षा, रोजगार तथा पलायन जैसी समस्याओं का समाधान केवल अलग राज्य के निर्माण में ही निहित है।