माघ मेले में शंकराचार्य का पंडाल सूना, VIDEO:सवा लाख शिवलिंग की पैकिंग शुरू, विवाद के बाद नहीं हो सका महापूजन

प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज का शिविर सूना पड़ा है। मेले के दौरान शिविर भक्तों के लिए श्रद्धा और आस्था का बड़ा केंद्र बनने वाला था। विशेष पूजन के लिए करीब सवा लाख शिवलिंग लाए गए थे। शिविर में यज्ञ, कथा, प्रवचन और भक्तों के लिए विशेष दर्शन जैसे कई कार्यक्रम तय थे। लेकिन, मौनी अमावस्या के दिन हुए विवाद से कहानी ही बदल गई। बात 18 जनवरी की है। मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए जा रहे शंकराचार्य की पालकी पुलिस ने रोक दी। शिष्यों से धक्का-मुक्की होने लगी। विवाद इतना बढ़ा कि शंकराचार्य ने स्नान नहीं किया। इसके बाद माघ मेले में 11 दिन अपनी मांगों को लेकर शंकराचार्य उसी जगह धरने पर बैठे रहे थे, जहां पुलिस उन्हें छोड़कर गई थी। शंकराचार्य ने साफ कहा कि जब तक उन्हें ससम्मान स्नान नहीं कराया जाएगा, वे शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे। इस दौरान शिविर में कोई धार्मिक आयोजन नहीं हुआ। शिविर सूना पड़ा रहा। आखिरकार 28 जनवरी की दोपहर शंकराचार्य माघ मेला छोड़कर वाराणसी चले गए। उनके जाने के बाद शिविर को समेटने की प्रक्रिया शुरू हुई। सवा लाख शिवलिंग को भी पैक कर छत्तीसगढ़ भेजा रहा है। वहां इनका पूजना होगा और फिर प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। 3 तस्वीरें… माघ मेला छोड़ने के बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर तीखे हमले किए थे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर तीखे हमले कर रहे हैं। उन्होंने 30 जनवरी को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था- मुझसे शंकराचार्य होने का प्रमाण पत्र मांगा गया। वह मैंने दे दिया। मेरे प्रमाण सच्चे थे, इसलिए उन्हें मानना पड़ा। अब प्रमाण मांगने का समय पीछे छूट गया। अब मुख्यमंत्री को अपने हिंदू होने का प्रमाण देना चाहिए। उन्होंने कहा था- हम आपको 40 दिन का समय दे रहे। इन दिनों में आप गो-भक्त होने का प्रमाण दीजिए। अगर प्रमाण नहीं दे पाते, तो समझा जाएगा कि आप नकली हिंदू, कालनेमि, पाखंडी और ढोंगी हैं। सिर्फ दिखावे के लिए आपने गेरुआ वस्त्र धारण किया है। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था- मुख्यमंत्री और जगद्गुरु रामभद्राचार्य घेराबंदी करके गोहत्या बंदी की मांग करने वालों पर तरह-तरह के हमले कर रहे। अगर आप सच में हिंदू हैं, तो गो-माता को राज्य माता घोषित करें। यूपी से गोमांस का निर्यात बंद करें, नहीं तो गैर हिंदू घोषित कर देंगे। शंकराचार्य की बड़ी बातें पढ़िए- 1- लखनऊ में जुटेंगे संत, तय करेंगे कौन असली हिंदू शंकराचार्य ने कहा था- 10-11 मार्च को लखनऊ में सभी संत-महंत और आचार्य एकत्र हों। वहां यह तय किया जाएगा कि कौन हिंदू है, कौन हिंदू हृदय सम्राट है और किसे छद्म हिंदू या नकली हिंदू घोषित किया जाना चाहिए। 2- अब नकली हिंदुओं का पर्दाफाश करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था- अब नकली हिंदुओं का पर्दाफाश किया जाना है। जितने भी हिंदू हैं, उनके साथ बहुत बड़ा छल हो रहा है। यह छल खुद को साधु, योगी, संत और भगवाधारी कहने वाले व्यक्ति और उसकी पार्टी द्वारा किया जा रहा। 3- मेला छोड़ने पर कहा- प्रशासन लालच दे रहा था, हमने नकारा माघ मेला छोड़ने पर शंकराचार्य ने कहा था- माफी मांगने का भी एक तरीका होता है, क्षमा याचना करनी पड़ती है। प्रशासन हमें लालच दे रहा था कि आप ऐसे नहा लीजिए, आपके ऊपर फूल बरसा देंगे। अगले साल के लिए चारों शंकराचार्यों के लिए प्रोटोकॉल बना देंगे, लेकिन हमने नकार दिया। हमने कहा कि जिन संन्यासियों पर आपने लाठी बरसाई, उनसे माफी मांगिए। अगर वे क्षमा कर दें, तो ठीक, लेकिन इस सब के लिए प्रशासन आगे नहीं आया। 4- इतिहास में पहली बार शंकराचार्य से प्रमाण मांगा गया अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था- अगले साल माघ मेले में मौनी अमावस्या पर संगम स्नान करेंगे। इतिहास में पहली बार किसी शासक ने किसी शंकराचार्य से प्रमाण मांगा। विश्व में आपके यहां का गोमांस बिक रहा है। इसे 40 दिन में रोककर दिखाइए, तभी हम मानेंगे कि आप हिंदू हैं। अगर 40 दिन बीत गए और यह नहीं हुआ, तो हम लखनऊ आएंगे। वहां संत-महंतों के साथ बैठकर निंदा करेंगे। ———————
ये खबर भी पढ़ें… अविमुक्तेश्वरानंद बोले-योगीजी गाय को राज्य माता बनाएं, आपको PM बनवाएंगे:गोमांस बैन करें; वरना धड़कनें बढ़ाने वाला ऐलान करेंगे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनने के लिए सपोर्ट देने का ऑफर दिया। उन्होंने शनिवार को कहा कि अगर योगी खुद को सच्चा हिंदू साबित करना चाहते हैं तो गाय को राज्य माता घोषित करें और गोमांस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाएं। योगी को हमने 40 दिन का समय दिया है। पढ़िए पूरी खबर