जालौन में मिशन शक्ति अभियान के तहत एक सराहनीय मानवीय कार्य सामने आया है। पुलिस अधीक्षक जालौन डॉ. दुर्गेश कुमार के कुशल नेतृत्व में मिशन शक्ति केन्द्र थाना डकोर की टीम ने मानसिक रूप से कमजोर एक अंतर्राज्यीय महिला को सकुशल उसके परिजनों से मिलाकर मानवता की मिसाल पेश की है। शासन के दिशा-निर्देशों के क्रम में जनपद के सभी थानों पर मिशन शक्ति केन्द्रों की स्थापना की गई है। इन केन्द्रों पर नियुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाओं, बालिकाओं एवं पीडि़ताओं की समस्याओं का त्वरित एवं संवेदनशील समाधान कर रहे हैं। मिशन शक्ति केन्द्रों की मॉनिटरिंग स्वयं पुलिस अधीक्षक जालौन द्वारा की जा रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। 17 जनवरी की शाम को डकोर थाने की मिशन शक्ति टीम भ्रमण कर छात्राओं, बालिकाओं एवं महिलाओं को जागरूक कर रही थी। इस दौरान ग्राम डकोर में एक मानसिक रूप से कमजोर महिला अकेली घूमती हुई मिली। टीम द्वारा पूछताछ करने पर महिला अपना नाम व पता बताने में असमर्थ रही। महिला की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे मिशन शक्ति केन्द्र थाना डकोर लाया गया। मिशन शक्ति टीम प्रभारी द्वारा महिला से गहन पूछताछ की गई, जिसमें उसने केवल अपने प्रदेश व जिले का नाम बताया। इसके आधार पर मिशन शक्ति केन्द्र थाना डकोर द्वारा विभिन्न जनपदों के कंट्रोल रूम से संपर्क किया गया। अथक प्रयासों के बाद महिला का संबंध जनपद भिण्ड, मध्यप्रदेश से होना ज्ञात हुआ। इसके पश्चात भिण्ड जिले के कंट्रोल रूम एवं कई थानों से संपर्क कर महिला के परिजनों का पता लगाया गया। महिला की पहचान सुशीला (30) पत्नी पान सिंह निवासी कस्बा व थाना मेहगांव, जनपद भिण्ड (म.प्र.) के रूप में हुई। महिला के पिता रुकम सिंह बघेल ने बताया कि उनकी पुत्री मानसिक रूप से अस्वस्थ है, जो 11 नवंबर 2025 को अपनी ससुराल से बिना बताए चली गई थी। इस संबंध में 15 नवंबर 2025 को थाना मेहगांव, जनपद भिण्ड में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। अपनी गुमशुदा पुत्री के सकुशल मिलने पर परिजनों ने जालौन पुलिस की प्रशंसा की। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक जालौन डॉ. दुर्गेश कुमार ने मिशन शक्ति टीम को 15 हजार रुपए के इनाम देने की घोषणा की है।