माफिया मुख्तार अंसारी के गैंग की सक्रिय सदस्य निकहत परवीन को गाजीपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। निकहत, मुख्तार के करीबी माने जाने वाले बहादुरगंज नगर पालिका चेयरमैन रियाज अंसारी की पत्नी है। रियाज और निकहत मुख्तार के चर्चित गैंग IS-191 की सक्रिय सदस्य हैं। वहीं रियाज के D-131 गैंग में भी निकहत की सक्रिय भूमिका रही है। कासिमाबाद कोतवाली पुलिस ने सोमवार को निकहत परवीन को कासिमाबाद–मऊ मार्ग स्थित यूनियन बैंक के पास से सुबह करीब 11:30 बजे दबोचा। वह बहादुरगंज नगर पंचायत के चेयरमैन रेयाज अहमद अंसारी की पत्नी और मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़ी सक्रिय सदस्य है। निकहत परवीन 9 महीने से फरार थी। वह वार्ड-12 बहादुरगंज की निवासी है। निकहत गाजीपुर के एक मदरसे में पढ़ाती थी। जमीन पर बंदूक की नोंक पर अवैध कब्जे के एक मामले में वह 9 महीने से फरार थी। इस मामले में पुलिस रियाज अंसारी और दो अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस ने बताया- निकहत परवीन पर एससी-एसटी एक्ट, रंगदारी, धमकी, फर्जी दस्तावेज और बीएनएस की गंभीर धाराओं में कई केस दर्ज हैं। अब पूरा मामला पढ़िए… कासिमाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक नंद कुमार तिवारी की टीम लंबे समय से निकहत की लोकेशन ट्रैक कर रही थी। पुलिस को उसके छिपने के तरीकों और नेटवर्क के बारे में लगातार इनपुट मिल रहे थे। सोमवार सुबह वह यूनियन बैंक के पास पहुंची तो टीम ने उसे घेरकर पकड़ लिया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। एएसपी अतुल सोनकर ने बताया- निकहत परवीन, मुख्तार अंसारी के IS–191 गैंग की सक्रिय सदस्य रही है। साथ ही उसके पति रेयाज अंसारी के नेतृत्व वाले गैंग D–131 में भी उसकी भूमिका रही है। उसके पति और दो अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। निकहत भी उसी गैंग गतिविधि में शामिल थी। गैंग का फाइनांस संभालती थी
पुलिस के अनुसार, वह गैंग की आर्थिक गतिविधियों को संचालित करने, डराने-धमकाने और कब्जा कराने जैसे कार्यों में सक्रिय रही है। रेयाज अहमद और निकहत लोगों को धमकाने, जमीन कब्जा करने, फिरौती मांगने समेत कई मामलों में आरोपी हैं। रेयाज और निकहत के खिलाफ 17 जनवरी को मुकदमा हुआ था। जिसके बाद रेयाज को गिरफ्तार कर लिया गया, पर निकहत फरार थी। SC-ST एक्ट के मुकदमे में वांछित थी निकहत
17 जनवरी 2024 को अब्दुलपुर निवासी सुभाष सोनकर ने कासिमाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। सुभाष ने बताया- उनका परिवार अनुसूचित जाति से है और अब्दुलपुर में उनके पिता सरजू सोनकर के नाम पुश्तैनी जमीन थी। चेयरमैन रेयाज अंसारी, उनकी पत्नी निकहत, भतीजा शकील और साला कमाल अहमद ने उनसे जमीन हड़पने की कोशिश की। आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक गालियां दीं। जान से मारने की धमकी दी। मुख्तार अंसारी का भय दिखाकर पिता से जबरन अंगूठा लगवाकर वसीयत करवा ली। धमकाया कि अगर वसीयत की बात किसी को बताई तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। सुभाष ने बताया पिता की मौत के बाद 2015 में रेयाज अंसारी ने फर्जी तरीके से जमीन अपने नाम चढ़वा ली। 27 दिसंबर 2024 को वह चेयरमैन के घर के पास से गुजर रहे था। तभी रेयाज अंसारी, निकहत और उनके साथियों ने जातिसूचक गालियां दीं। धमकाया- जमीन वापस नहीं होगी, जान बचाना है तो यहां से हट जाओ। पुलिस में मत जाना, नहीं तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। इस तहरीर पर SC-ST एक्ट और गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ और निकहत वांछित चल रही थी। दो और अवैध कब्जे के मुकदमे इसके अलावा रेयाज और निकहत पर खुद को मुख्तार का करीबी बताकर दो लोगों की जमीन हड़पने के मुकदमे हैं। 2023 में मरछू चौहान को घर बुलाकर असलहे के बल पर धमकाया। उसकी पैतृक जमीन कब्जा कर ली और 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगी। न देने पर जमीन पर जबरन कब्जा कर टीनशेड व बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी। वहीं जून 2024 में गोपाल प्रसाद जायसवाल कार कार से अपहरण कर लिया। इसके बाद धमकाया कि अपना मकान हमें दे दो, नहीं तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। जिसके बाद गोपाल का परिवार डर के चलते घर छोड़कर बलिया पलायन कर गया। इसके बाद आरोपियों ने घर पर कब्जा कर लिया और गैस सिलेंडर, बर्तन व सामान चोरी करके ले गए। कौन-कौन से केस दर्ज हैं निकहत पर? निकहत परवीन पर 2023 से 2025 के बीच कई गंभीर केस दर्ज हैं। इनमें रंगदारी मांगना, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करना, धमकाना, गिरोहबंदी और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं। कुछ मामलों में आरोप पत्र दाखिल हो चुका है, जबकि कई अभी विवेचना में हैं। ————————————— ये खबर भी पढ़िए… अखिलेश बोले-हम बच्चों को पढ़ाते हैं, तो मुकदमा होता है:खुद तो स्कूल बंद कर रहे, सपा सांसदों ने लगाए PDA जिंदाबाद के नारे संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर चर्चा हो रही है। इसके लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चर्चा की शुरुआत की। विपक्ष पर निशाना साधा। कहा- कांग्रेस ने वंदे मातरम् के टुकड़े किए। ये उसका तुष्टीकरण की राजनीति को साधने का तरीका था। तुष्टीकरण की राजनीति के दबाव में कांग्रेस वंदे मातरम् के बंटवारे के लिए झुकी। इसीलिए कांग्रेस को एक दिन भारत के बंटवारे के लिए भी झुकना पड़ा। पढ़िए पूरी खबर…