मेडिकल संस्थानों में 50% डॉक्टर सर्दियों की छुट्टियां पर हैं। इसका की वजह से ओपीडी प्रभावित हुई है। ऑपरेशन से लेकर जांच तक का इंतजार बढ़ गया है। KGMU, लोहिया और SGPGI में करीब 1300 डॉक्टर तैनात हैं। इनमें से करीब 650 डॉक्टर छुट्टी पर हैं। KGMU, लोहिया संस्थान और SGPGI में 25 दिसंबर से डॉक्टरों की छुट्टियां चल रही हैं। इसमें 50% डॉक्टर पहले चरण में छुट्टी पर हैं। दूसरे राउंड में 9 से 24 जनवरी तक डॉक्टर छुट्टी पर रहेंगे। ऑपरेशन के इंतजार में मरीज KGMU में करीब 600 डॉक्टर हैं। लोहिया संस्थान में 300 से अधिक डॉक्टर हैं। SGPGI में डॉक्टरों की संख्या 400 के करीब हैं। तीनों संस्थानों में 50% डॉक्टर अवकाश पर हैं। एनस्थीसिया विशेषज्ञों व सर्जन घटने से ऑपरेशन की संख्या में भी काफी कमी आई है। नए मरीजों को फरवरी के बाद की तारीख दी जा रही है। लगभग 500 मरीज ऑपरेशन के इंतजार में हैं। जांच का इंतजार बढ़ा पेट स्कैन, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी गंभीर और जरूरी जांचों के लिए मरीजों को करीब एक से डेढ़ हफ्ते बाद की तारीख दी जा रही है। वहीं, जांच के इंतजार में मरीजों की संख्या करीब डेढ़ गुनी बढ़ गई है। कानों की बैरा जांच का इंतजार भी बढ़ गया है। लारी में दिल की 2 डी ईको समेत दूसरी जांचों के लिए मरीज को एक हफ्ते बाद की तारीख दी जा रही है।