मेरठ फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित जिला फुटबॉल लीग में मैच फिक्सिंग और ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय फुटबॉल क्लबों और खेल प्रेमियों का आरोप है कि ग्रुप स्टेज के अंतिम मुकाबलों में क्वालीफिकेशन को प्रभावित करने के लिए जानबूझकर मैचों के परिणाम तय किए गए। नियमों का नहीं हुआ पालन
आरोपों के अनुसार, अजेक्स फुटबॉल क्लब और मेरठ स्पोर्टिंग क्लब के बीच खेले गए अहम मुकाबले में पूर्व-निर्धारित रणनीति के तहत 1–1 का ड्रॉ कराया गया। इस परिणाम से जेनएक्स फुटबॉल क्लब का बेहतर प्रदर्शन होने के बावजूद वह प्रतियोगिता से बाहर हो गया। क्लब अधिकारियों का कहना है कि जेन एक्स एफसी का गोल डिफरेंस अन्य टीमों से बेहतर था, इसके बावजूद एमएफए ने AIFF के तय नियमों को नजरअंदाज करते हुए हेड-टू-हेड नियम लागू किया, जो नियमों के विपरीत बताया जा रहा है। क्लबों का आरोप है कि इस तरह की अनियमितताएं हर टूर्नामेंट में दोहराई जाती हैं और आपत्ति जताने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।उन्होंने AIFF और उत्तर प्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। निराधार हैं सभी आरोप मेरठ फुटबॉल एसोसिएशन के हरिश ठाकुर ने बताया कि पूर्ण रूप से निष्पक्ष मैच आयोजित हुआ है। हम पिछले कई सालों से मैच कराते आ रहे हैं। जो टीम हार जाती है उनसे जुड़े व्यक्ति कभी- कभी इस प्रकार के आरोप हमारे ऊपर लगाते रहते हैं। ऐसा कुछ नहीं हुआ है जिसका प्रदर्शन बेहतर रहा वही टीम विजयी हुई है।