उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासकीय विलंब समिति ने मेरठ और बागपत जिलों के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। यह बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्ति पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य देयकों के लंबित मामलों का समय पर निस्तारण सुनिश्चित करना था। समिति के सभापति डॉ. रतन पाल सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने सभापति और सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि समिति का मुख्य लक्ष्य कर्मचारियों को उनके देयकों का भुगतान समय पर और नियमानुसार करवाना है। बैठक के दौरान सभी विभागों से रिटायरमेंट पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य वित्तीय देयकों के भुगतान की वर्तमान स्थिति पर बिंदुवार जानकारी ली गई। सभापति ने उन विभागों को निर्देश दिए जिनमें समीक्षा बिंदुओं पर कार्रवाई लंबित है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित प्रकरणों का निस्तारण करें और समिति को सूचित करें। समिति ने कुछ विभागों द्वारा किए गए अच्छे कार्यों की सराहना भी की। सेवानिवृत्त और मृतक कर्मचारियों के देयकों के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए, सभी को समय पर भुगतान करने के निर्देश दिए गए। मृतक आश्रितों के सेवायोजन से संबंधित मामलों का भी शीघ्र निस्तारण करने को कहा गया। सभापति ने यह भी कहा कि सभी विभागों ने अच्छी कार्य प्रगति दिखाई है, जिसे और बेहतर करने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और प्रत्येक पात्र लाभार्थी को शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जनपद में जिलाधिकारी के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों को मॉडल स्कूल में बदलने की पहल की भी प्रशंसा की गई। जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने समिति को आश्वस्त किया कि दिए गए सभी सुझावों और निर्देशों को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया जाएगा। बैठक में सदस्य विधान परिषद विजय बहादुर पाठक, धर्मेन्द्र भारद्वाज, उपाध्यक्ष मेडा संजय कुमार मीणा, सीडीओ नूपुर गोयल, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया, पीडीडीआरडीए सुनील कुमार सिंह और जिला विकास अधिकारी श्वेतांक सिंह भी मौजूद रहे।