मेरठ मेडिकल में महिलाओं को POSH एक्ट से कराया अवगत:शिकायत की प्रक्रिया और नारी शक्ति के अधिकारों पर की गई चर्चा

मेरठ के LLRM मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़े POSH अधिनियम 2013 को लेकर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला कॉलेज की आंतरिक समिति (Internal Complaints Committee) द्वारा आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य महिला चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, छात्राओं और महिला कर्मचारियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना और सुरक्षित कार्य वातावरण को मजबूत करना था।
विभाग और आंतरिक समिति की अध्यक्ष डॉ. शकुन सिंह ने कहा कि संस्थान महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार के लिए कॉलेज में जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। उन्होंने POSH अधिनियम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यौन उत्पीड़न की परिभाषा क्या है, किन परिस्थितियों में शिकायत दर्ज की जा सकती है और शिकायत की प्रक्रिया किस प्रकार पूरी की जाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस कानून का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, सुरक्षित और संवेदनशील कार्य संस्कृति का निर्माण करना है।
डॉ. अनुपम रानी ने कहा कि यदि कार्यस्थल पर किसी महिला के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय या उत्पीड़न से जुड़ी घटना होती है, तो पीड़िता बिना किसी डर के आंतरिक समिति से संपर्क कर सकती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायत की जांच प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और पीड़िता की पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। इसके बाद कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें महिला कर्मचारियों और छात्राओं ने खुलकर सवाल पूछे। समिति के सदस्यों ने सभी शंकाओं का समाधान करते हुए POSH अधिनियम के व्यावहारिक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया।