मेरठ सेंट्रल मार्केट में राहत मिली लेकिन खतरा बाकी:सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना से घबरा रहे अफसर, नेता

मेरठ के सेंट्रल मार्केट का ध्वस्तीकरण होगा या बाजार पूरी तरह बच गया इसपर स्थिति अभी तक क्लियर नहीं हुई है। पुलिस, प्रशासनिक अफसर ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। क्योंकि मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश का है। इसलिए नेता और आवास विकास के अफसर सभी जिम्मेदार सुप्रीमकोर्ट के आदेश की अवमानना से बचना चाहते हैं। चर्चा है कि कंपाउंडिंग की प्रक्रिया शुरू होने के बाद बाजार की कुछ दुकानें ध्वस्तीकरण एक्शन से बच सकती हैं। लेकिन पूरा बाजार सुरक्षित रहेगा इस पर संशय अभी भी बरकरार है। माना जा रहा है कि एक से दो दिन में ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर आदेश आ सकता है। व्यापारियों में अभी भी घबराहट है, उन्हें डर है कि सुप्रीम आदेश के उनकी दुकानें शायद न बच पाएं।

इसके तहत हर सेक्टर और ब्लॉक के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। सेंट्रल मार्केट के लिए 36 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से व्यापारियों को भुगतान करना होगा। इसके अलावा नियम अनुसार सेट बैक भी छोड़ना होगा। ये जानकारी मिलने के बाद व्यापारियों ने रविवार को होली खेली। इससे पहले परिषद ने सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण के लिए सोमवार को फोर्स मांगा था। धवस्तीकरण कर रही कंपनी से मशीनें लेकर आने का निर्देश दिया था। इस निर्देश में अभी तक कोई बदलाव नहीं हुआ है। यही वजह है कि अब-तक यह साफ नहीं है कि ध्वस्तीकरण होगा या नहीं। आवास विकास परिषद के अधिकारियों की सोमवार शाम बैठक के बाद यह साफ होने की संभावना है। बाजार सूना, खरीदार नदारद मेन सेंट्रल मार्केट रविवार को भी सूना रहा। व्यावसायिक भूखंडों पर बनी दुकानें दोपहर बाद खुलीं, लेकिन खरीदार नदारद रहे। अरोड़ा गारमेंट्स के सामने खाली स्थान पर व्यापारी धरने पर बैठे रहे। बाजार में दुकानों के बोर्ड, स्ट्रक्चर आदि हटाने का काम किया जाता रहा। भीतरी इलाकों में दुकानों के शटर हटाकर बंद किया जाता रहा। हालांकि शाम को नोटिस आने के बाद व्यापारियों के चेहरे पर रौनक आई और उन्होंने खुशी मनाते हुए होली भी खेली। छोटे व्यापारियों की परेशानी खत्म नहीं होगी विभाग ने पिछले साल द रिलायबल कंपनी को 85 लाख रुपए में 661/6 व 31 अन्य व्यावसायिक भूखंडों में किए गए निर्माण के ध्वस्तीकरण का ठेका दिया गया था। बीते साल 25 व 26 अक्तूबर को 661/6 का ध्वस्तीकरण हो गया। बैठक के बाद व्यापार को लेकर विभाग की ओर से तस्वीर साफ होने की संभावना है। नोटिस मिलने के बाद कहा जा रहा है कि इससे बड़े व्यापारियों को तो राहत मिल जाएगी, लेकिन छोटे व्यापारियों की परेशानी खत्म नहीं होगी। शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण को लेकर व्यापारियों की नींदें उड़ी हुई थीं। पिछले दो दिन से मेन सेंट्रल मार्केट बाजार बंद कर व्यापारी धरने पर बैठे हुए थे, वहीं सुबह बाजार बंद कराने को लेकर व्यापारी दो फाड़ हो गए। तिरंगा व्यापार संघ की ओर से बाजार बंद नहीं करते हुए लगातार दुकानें खोली गई।