मेरठ रेंज में चलाए जा रहे ऑपरेशन ब्लैक कैट के अंतर्गत तीन दिन में 6784 वाहनों को चेक किया गया है। 454 वाहनों के चालान किए गए हैं, जिन पर मानकों के विपरीत ब्लैक फिल्म चढ़ी थी। डीआईजी कलानिधि नैथानी का कहना है कि कानून व्यवस्था की दृष्टि से भी अभियान महत्वपूर्ण है जो आगे भी जारी रहेगा। क्या है ऑपरेशन ब्लैक कैट
तीन दिन पहले डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी ने रेंज में ऑपरेशन ब्लैक कैट शुरु कराया। यह अभियान उन चार पहिया वाहनों के विरूद्ध था जिन पर मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन कर काली फिल्म चढ़ाई गई थी। दिल्ली धमाके के लिहाज से भी इसे बेहद महत्वपूर्ण बताया गया। तभी से प्रत्येक दिन रेंज के अंतर्गत आने वाले चारों जनपदों मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़ और बागपत में अभियान चलाया जा रहा है। क्या है विजिबल लाइट ट्रांसमिशन
डीआईजी रेंज कलानिधि निठानी का कहना है कि संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान भी यह देखा गया है कि कई वाहनों पर टिंटेड ग्लास ( काली फिल्म चढ़े) रहते हैं। विजिबल लाइट ट्रांसमिशन यानी VLT मानकों की बात करें तो आगे के और पीछे के शीशे से 70% लाइट पास होनी चाहिए। साइड के शीशे से 50% तक लाइट पास होनी चाहिए। यह अभियान न केवल सड़क सुरक्षा बल्कि कानून व्यवस्था की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है जो आगे भी जारी रहेगा। मेरठ में सर्वाधिक चेक हुए वाहन
ऑपरेशन ब्लैक कैट के अंतर्गत पूरे रेंज में अभियान सख्ती के साथ चलाया गया। तीन दिन में कुल 6784 वाहन चेक किए गए जबकि काली फिल्म वाले 454 वाहनों के चालान किए गए। मेरठ में सर्वाधिक 3357 वाहन चेक किए गए जबकि 210 काली फिल्म चढ़े वाहनों पर कार्रवाई हुई। हापुड़ जनपद दूसरे स्थान पर रहा। यहां 1905 वाहन चेक किए गए जबकि 90 काली फिल्म वाले वाहनों पर कार्रवाई हुई। बागपत से भी पिछड़ा बुलंदशहर
कार्रवाई की लिस्ट में बागपत तीसरे तो बुलंदशहर चौथे नंबर पर रहा। बागपत में 1039 वाहन चेक किए गए जबकि काली फिल्म वाले 114 वाहनों पर चालान की कार्रवाई हुई। बुलंदशहर में 383 वाहन चेक किए गए जबकि 40 काली फिल्म चढ़े वाहनों पर एक्शन हुआ।