बुलंदशहर में अनामिका शुगर मिल के कर्मचारी ने फंदे से लटककर जान दे दी। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा- मेरे घर पर आटा भी नहीं है। कर्मचारी की पहचान शरीफ (50) निवासी अगौता के रूप में हुई है। शरीफ की आत्महत्या के बाद घरवालों और गांववालों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। अनामिका शुगर मिल के गेट पर हंगामा किया। कर्मचारी मिल से पेस्टिसाइड लेकर बेचता था। मिल का उस पर ढाई लाख रुपए बकाया था। वहीं, प्रदर्शन की सूचना मिलने पर सीओ सिटी प्रखर पांडेय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाया। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पहले सुसाइड नोट पढ़िए…
सभी परिवार, भाई-बहन, रिश्तेदार और मिलने वालों को अस्सलामअलैकुम। आप लोग मुझे माफ कर देना। मेरे बाद परिवार और मेरी बेटियों का ध्यान देना। उनका मेरे सिवा कोई नहीं। मैं बहुत मजबूरी में ऐसा कदम उठा रहा हूं। अल्लाह हाफिज…। पहले देखें 3 तस्वीरें… अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला शरीफ पिछले 20 साल से अनामिका शुगर मिल में काम कर रहे थे। उनके घरवालों ने शुगर मिल मैनेजमेंट पर शरीफ का मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया है। कहा कि मिल के अधिकारी नीरज उज्ज्वल शरीफ से किसानों को दी गई दवा का भुगतान करने की मांग कर रहे थे। भुगतान न करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दे रहे थे। उन्होंने मैनेजमेंट से मृतक के बेटे को नौकरी और परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। सीओ प्रखर पांडेय ने बताया कि घरवालों से शिकायत ले ली गई है। परिवार की सभी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। परिवार के साथ पूरा न्याय होगा। वहीं, अनामिका अगौता शुगर मिल के चेयरमैन जितेंद्र सिंह ने बताया कि आत्महत्या मामले में मिल मैनेजमेंट का कोई दोष नहीं। फिर भी हमारी सहानुभूति पीड़ित परिवार के साथ है। जितनी मदद हो सकेगी, वह की जाएगी। मिल में ढाई लाख जमा करने थे
अगौता कस्बे के समाजसेवी रहीस ने बताया कि शरीफ अगौता चीनी मिल से पेस्टीसाइड लेकर किसानों को बांटता था। मिल मैनेजमेंट शरीफ पर ढाई लाख रुपए जमा करने का दबाव बना रहा था। इसके चलते ही वह आत्महत्या करने पर मजबूर हुआ। सारा दोष मिल प्रबंधन और उनके अधिकारियों का है। हम चाहते हैं कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई हो, जिससे भविष्य में ऐसी घटना न हो। पीड़ित परिवार के सदस्य को नौकरी दिलाई जाए। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की घटना
इस घटना को कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडलर से भी शेयर किया गया है। इसमें लिखा है कि मेरे घर पर आटा भी नहीं है।आर्थिक तंगी से जूझ रहे मोहम्मद शरीफ ने यह बात सुसाइड नोट में लिखी और अपनी जान दे दी। ये घटना बताती है कि देश के लोग किन मुश्किल हालातों में गुजारा कर रहे? उनकी बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो रहीं। लेकिन, मोदी सरकार पर इन बातों का फर्क नहीं पड़ता। सरकार झूठे PR के जरिए अपनी इमेज चमकाने में लगी है। वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान औरंगाबाद पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। पीड़ित परिवार को राशन दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मिल मैनेजमेंट पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मृतक के परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगी। ————————- यह खबर भी पढ़ें वैलेंटाइन डे पर प्रेमिका की हत्या कर क्रिकेटर ने जान दी, नोएडा में बंद कार में गोली मारी नोएडा में वैलेंटाइन-डे के दिन प्रेमी ने प्रेमिका की कार में हत्या कर दी, फिर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। देखा तो कार अंदर से लॉक थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने टाटा अल्ट्रोज कार का शीशा तोड़कर देखा, तो आगे की सीट पर दोनों के शव पड़े थे। दोनों के सिर में गोली लगी थी। पढ़िए पूरी खबर…