वाराणसी में भाजपा पार्षद के बेटे ने दरोगा को थप्पड़ जड़ दिया। मणिकर्णिका घाट के पास भीड़ ज्यादा थी। वहां पर नो व्हीकल जोन लागू था। तभी तीवन युवक बाइक से वहां पर आ गए। इस पर वहां पर तैनात दरोगा ने उनको रुकने के लिए कहा। युवक उसके बाद भी नहीं रुका। बोला कि आप हमें कैसे रोक सकते हैं। हम पार्षद के बेटे हैं। तो हमने कहा ठीक है और उसे पीछे कर दिया। इसपर अचानक से उसने मुझे थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मी उसे लेकर चौक थाने ले आए। फिलहाल दरोगा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं युवक के परिजनों का आरोप है कि उसे पुलिस ने जमीन में बैठाए रखा, जिसे इसकी तबीयत बिगड़ गई है। जबकि उसने कुछ नहीं किया है। घटना चौक थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित मणिकर्णिका द्वार की है। अब पढ़िए पूरा मामला चौक थाने में तैनात दरोगा अभिषेक त्रिपाठी ने बताया – नव वर्ष पर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल द्वारा जारी डाइवर्जन के मद्देनजर पर भीड़ और यातायात सुचारू संचालन की ड्यूटी में लगा था। उसी दौरान पता चला कि मणिकर्णिका गली सत्य बाबा आश्रम मार्ग चौक है। उसे सही करने पहुंचा और भीड़ को डायवर्ट करने लगा। वहां पर नो व्हीकल जोन लागू था। उसी दौरान तीन युवक एक बाइक से मणिकर्णिका घाट की तरफ से वहां पहुंचे। कहा कि हमे जाने दें। इसपर हमने कहा थोड़ा देर रुकिए भीड़ छट जाने दें। हम पार्षद के बेटे हैं, जड़ दिया थप्पड़
दरोगा ने बताया – युवक उसके बाद भी नहीं रुका और बोला कि आप हमें कैसे रोक सकते हैं। हम पार्षद के बेटे हैं। हमने कहा ठीक है और उसे पीछे कर दिया। इसपर अचानक से उसने मुझे थप्पड़ जड़ दिया। मैं संभल पाता इसके पहले स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पिटाई कर दी। फिर मैने उसे पकड़कर साइड में किया और भीड़ से बचाया। इतनी देर में युवक के सहयोगी घाट की तरफ भागे, क्योंकि ये लोग किसी के दाह संस्कार में आए थे। आरोपी की भगाने की कोशिश
दरोगा अभिषेक ने बताया – कुछ ही देर में 40 से 50 लोग वहां पहुंच गए और लोगों से उलझ गए। युवक को वहां से भगाने की कोशिश करने लगे। इसपर मैने अपने थाना प्रभारी को अवगत करवाकर किसी तरह उसे लेकर थाने आया। यहां मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस समय चौक थाने पर भाजपा पदाधिकारियों का जमावड़ा लगा हुआ है। थाना प्रभारी के अनुसार पीड़ित दरोगा की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को मेडिकल के लिए भेजा गया। वहीं युवक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे पुलिस ने जमीन में बैठाए रखा। जिसे उसकी तबीयत बिगड़ गई है। जबकि उसने कुछ नहीं किया। उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया है वहां उसकी हालत सही नहीं है।