यति नरसिंहानंद बोले- जिहादी नोच नोचकर खा जायेंगे:गाजियाबाद में कहा- जिहादियों ने सलीम का गला काट दिया, तरुण को मार दिया

शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने आज फिर एक विवादित बयान दिया है। अपने बयान में कहा- सलीम पर गाजियाबाद में जिहादियों ने हमला किया, इसी विचारधारा के मानने वालों ने दिल्ली में खटीक समाज के तरुण खटीक का मर्डर किया। सलीम इस्लाम से आए हैं, इस्लाम में सिखाया जाता जाता है कि जिहाद धरती पर न हो तो मोमीन के दिमाग में होता है। हम कुत्ते बिल्लियों की तरह इन जिहादियों की तरफ शिकार हो रहे हैं, हिदुओं निहत्थे मत होओ, हथियार साथ रखो। मुस्लिमों की भीड़ को देखकर भागो मत, यह भाग लिए यह पागल आदमखोद कुत्ते नोच नोच के खा जाएंगे। यदि तुम खड़े हो जाओगे तो तुम इन्हें मार सकते हैं। मुस्लिमों को बताया जिहादी कुत्ते महामंडलेश्वर ने एक वीडियो जारी करके हिन्दुओं से किसी भी परिस्थिति में बिना किसी हथियार के न रहने और अंतिम सांस तक संघर्ष करने के लिए कहा उन्होंने कहा कि सलीम वास्तिक और तरुण खटीक दोनों पर एक ही विचारधारा के लोगों ने जानलेवा हमला किया था। पर सलीम वास्तिक आज जीवित है और तरुण खटीक को मारने में आदमखोर पागल जिहादी कुत्ते सफल हो गए। इसका कारण आधारभूत धार्मिक शिक्षाओं का अंतर है। सलीम वास्तिक का पालन पोषण इस्लाम की शिक्षाओं के अनुसार हुआ और हिन्दुओं की मजबूत खटीक जाति का होते हुए भी तरुण खटीक झूठी धार्मिक शिक्षाओं के कारण लड़ाई के लिए तैयार नहीं था। इसीलिए सलीम वास्तिक ने जमकर हमला करने वाले पागल आदमखोर कुत्तों का मुकाबला किया और तरुण खटीक ये नहीं कर सका।इसी कारण से सलीम वास्तिक आज जीवित हैं और तरुण खटीक की हत्या में आदमखोर पागल कुत्ते सफल हो गए। हिंदुओं बिना हथियार के मत रहो महामंडलेश्वर ने हिन्दू समाज का आह्वान करते हुए कहा कि यदि हिन्दुओं को अब जीवित रहना है तो किसी भी परिस्थिति में निहत्था नहीं रहना है, क्योंकि अब ये पागल आदमखोर कुत्ते कही भी किसी को भी निशाना बना सकते हैं। यदि कोई हिन्दू कभी इनके चंगुल में फंस जाता है तो उसे किसी भी परिस्थिति में भागना नहीं है बल्कि अंतिम सांस तक लड़ना है। क्योंकि भागते हुए पर ये आदमखोर पागल कुत्ते किसी भी प्रकार की कोई दया नहीं दिखाते बल्कि निर्दयता पूर्वक मार देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दुओं को स्वयं को भेड़ बकरा नहीं बनना है जो इन पागल आदमखोर कुत्तों की भूख मिटाने का सामान बन जाए।