लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर ‘हम सबला’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। निशातगंज स्थित कैफी आज़मी प्रेक्षागृह में कार्यक्रम की थीम ‘लाभ हेतु दान’ थी। इसका आयोजन विज्ञान फाउंडेशन ने एम्पावर- द इमर्जिंग मार्केट्स फाउंडेशन के सहयोग से ‘परिवर्तन’ परियोजना के तहत किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वंचित बस्तियों की किशोरियों और युवतियों को आत्मनिर्भर बनाना। उन्हें आजीविका के अवसर प्रदान करना है। विज्ञान फाउंडेशन पिछले दो वर्षों से लखनऊ की जानकीपुरम और मड़ियांव की शहरी बस्तियों में 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों के कौशल विकास और रोजगार के लिए कार्य कर रहा है। किशोरियों को सिलाई का प्रशिक्षण दिया परियोजना समन्वयक सुकृति मिश्रा ने बताया- ‘परिवर्तन’ परियोजना के तहत वर्ष 2025 में कई किशोरियों को सिलाई का प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से कुछ ने अपना सिलाई कार्य भी शुरू कर दिया है। उनकी आजीविका को आगे बढ़ाने के लिए सिलाई मशीन के पावदान, स्टैंड और मेज की आवश्यकता थी, जिसे इस कार्यक्रम के माध्यम से दान स्वरूप उपलब्ध कराया गया। ऐसे प्रयास आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण एचडीएफसी बैंक लिमिटेड की मानव संसाधन अधिकारी श्वेता सोनकर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कॉरपोरेट क्षेत्र से भी ऐसे सामाजिक अभियानों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कुल 75 लोगों ने भागीदारी की मिताश्री घोष ने विज्ञान फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वंचित समुदाय की किशोरियों को सशक्त बनाने का यह प्रयास सराहनीय है और भविष्य में भी ऐसे अवसर मिलते रहें, इसके लिए वे सहयोग करती रहेंगी। इस कार्यक्रम में मड़ियांव बस्ती की उज़मा, नाज़िया, नर्गिस, अलीशा, टिंकल, तरन्नुम और खुशनुमा सहित कई युवतियों को सिलाई मशीन के स्टैंड व मेज प्रदान किए गए। कार्यक्रम में कुल 75 लोगों ने भागीदारी की।