यूपी पुलिस इंस्पेक्टर की बेटी बनीं IAS:UPSC में हासिल की 14वीं रैंक, बोलीं- बिना कोचिंग मिली सफलता, कहीं भटकने की जरूरत नहीं

बरेली के बजरंग एन्क्लेव की रहने वाली सुरभि यादव ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 14वीं रैंक हासिल की है। सुरभि के पिता राकेश यादव यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। सुरभि शनिवार शाम को दिल्ली से अपने घर लौटीं। इस दौरान सुरभि यादव का फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया। सुरभि का कहना है- मेरे मामा यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। उन्हें देखकर ही मेरे मन में यह विचार आया। मैंने बिना किसी महंगे कोर्स के अपना बेस मजबूत किया। फिलहाल सुरभि ‘माय भारत’ (युवा मामले और खेल मंत्रालय) में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। दैनिक भास्कर से सुरभि यादव खास बातचीत पढ़िए…. मामा से मिली UPSC की तैयारी करने की प्रेरणा
सुरभि यादव ने बताया- मेरे मामा यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। उन्हें देखकर ही मेरे मन में यह विचार आया। उन्होंने मुझे मार्गदर्शन दिया कि यदि आप 11वीं से ही ह्यूमैनिटीज (मानविकी) के विषय चुनती हैं, तो आगे बहुत मदद मिलेगी। मैंने उनकी सलाह मानी और 11वीं में ह्यूमैनिटीज विषय चुना। इसके बाद मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित लेडी श्री राम कॉलेज से हिस्ट्री ऑनर्स और इकोनॉमिक्स माइनर के साथ स्नातक किया। 11वीं से ही अपना बेस बनाना शुरू कर दिया
बिना किसी कोचिंग के टॉप रैंक लाने पर सुरभि यादव ने कहा- मैंने 11वीं से ही अपना बेस बनाना शुरू कर दिया था, इसलिए मुझे किसी महंगे फाउंडेशन कोर्स की जरूरत महसूस नहीं हुई। आज के दौर में तैयारी के लिए बड़े शहरों में भटकने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सब कुछ ऑनलाइन उपलब्ध है। कोचिंग के ‘हब’ माने जाने वाले शहरों का मोह छोड़ देना चाहिए। यह पूरी तरह छात्र की सुविधा पर निर्भर करता है कि वह ऑनलाइन पढ़ना चाहता है या ऑफलाइन। पिता जी हर दिन लेते थे मॉक इंटरव्यू
2023 में जब मैंने पहली बार मेंस परीक्षा दी थी, तब मेरी तैयारी में उतनी स्पष्टता नहीं थी। लेकिन इस बार इंटरव्यू के लिए मुझे केवल 15-20 दिन ही मिले, इसलिए मैंने अधिकतम अंक लाने पर फोकस किया। मेरे पिता हर रोज वीडियो कॉल पर मेरा 30 मिनट का मॉक इंटरव्यू लेते थे और मुझसे कठिन सवाल पूछते थे, जिससे मेरा आत्मविश्वास बहुत बढ़ा। तैयारी के दौरान मैंने अपना इंस्टाग्राम डिएक्टिवेट कर दिया था ताकि समय बर्बाद न हो। मेरा इंटरव्यू बहुत अच्छा हुआ। मेरा मुख्य झुकाव शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में काम करने का है। सुमन शर्मा मैम के बोर्ड में मेरा इंटरव्यू बहुत प्रभावशाली रहा, जिसमें मुझसे इतिहास और वर्तमान को जोड़कर सवाल पूछे गए। सुरभि की सफलता पर पिता हुए भावुक
सुरभि यादव की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनके पिता इंस्पेक्टर राकेश यादव भावुक नजर आए। उन्होंने बताया- साल 2008 की बात है, मेरी सब इंस्पेक्टर की पासिंग आउट परेड थी। मैं परेड कमांडर था और पूरा परिवार वहां मौजूद था, लेकिन सुरभि उस दिन नहीं आई थी। वह तब तीसरी या चौथी कक्षा में थी और उसका पेपर था। आजकल लोग ऐसे कार्यक्रमों के लिए बच्चों का पेपर छुड़वा देते हैं, लेकिन उसके दादाजी उसे स्कूल लेकर गए और उसने परीक्षा दी। हमारे घर में शुरू से ही पढ़ाई और अनुशासन को सर्वोपरि रखा गया। बेटा आईआईटियन, बेटी IAS
राकेश यादव ने बताया- मेरे पिता अमरोहा में राजकीय इंटर कॉलेज में प्रवक्ता थे, वहीं से मुझे पढ़ाई का माहौल मिला। मैं सिपाही के तौर पर भर्ती हुआ, फिर हेड कांस्टेबल, फिर 2007 में सब इंस्पेक्टर और अब इंस्पेक्टर बना हूं। मेरी पत्नी ने भी शादी के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन और बीटीसी किया। सुरभि के साथ-साथ मेरा छोटा बेटा राजशेखर यादव भी आईआईटियन है और अभी बेंगलुरु में कार्यरत है। सुरभि शुरू से ही अपनी क्लास में अग्रणी रही हैं। जब तक वह अपना होमवर्क पूरा नहीं कर लेती थीं, तब तक उनका मन कहीं और नहीं लगता था। हाई स्कूल के बाद ही उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें आईएएस बनना है। लेडी श्री राम कॉलेज का प्रेरक और प्रतिस्पर्धी माहौल उनकी तैयारी को और मजबूती देने में मददगार साबित हुआ। ———————————-
यह खबर भी पढ़ें………… इंजीनियर बहन को 40 बार चाकू मारने वाला भाई अरेस्ट:मुरादाबाद में मां बोलीं- गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद बेटी से चिढ़ने लगा था मुरादाबाद में चाकू से गोदकर इंजीनियर बहन हिमशिखा की हत्या करने वाले इंजीनियर भाई हार्दिक (25) को पुलिस ने 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेशी कराने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। हार्दिक और हिमशिखा दोनों जुड़वां भाई-बहन थे। पूछताछ में हार्दिक ने पुलिस को बताया, उसकी गर्लफ्रेंड मुस्लिम है और वह पुणे की रहने वाली है। लड़की के परिवार वाले उसे मारते-पीटते हैं और उसकी वजह से उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई है। पढ़ें पूरी खबर…