यूपी में 1 करोड़ से ज्यादा घरौनियां बांटी गईं:स्वामित्व योजना से गांव मजबूत, भूमि विवादों में कमी, अब बैंक लोन आसान

केंद्र की स्वामित्व योजना के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक 1 करोड़ से अधिक घरौनियां वितरित की जा चुकी हैं। 1.14 करोड़ घरौनियां तैयार हुईं, इसमें से 1.01 करोड़ ग्रामीण परिवारों को मिल चुकी हैं। आबादी भूमि का भी मिला स्वामित्व गांवों की आबादी भूमि में रहने वाले परिवारों को भी उनकी संपत्ति का विधिक प्रमाण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से अब तक 72,961 ग्रामों में प्रपत्र-10 (डिजिटाइज्ड) जारी किए जा चुके हैं। यह सर्वे का 80.59 प्रतिशत है। इससे ग्रामीणों को पहली बार अपने मकान और भूमि पर स्पष्ट कानूनी स्वामित्व प्राप्त हुआ है। यह दस्तावेज अब बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं और अन्य वित्तीय सुविधाओं के लिए भी मान्य आधार बन गया है। भूमि विवादों में आई कमी स्वामित्व योजना के प्रभाव से गांवों में भूमि और मकान से जुड़े विवादों में उल्लेखनीय कमी देखी जा रही है। स्पष्ट रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों के कारण फर्जी दावों और अवैध कब्जों पर रोक लगी है। निरंतर जारी है वितरण प्रक्रिया सरकार द्वारा घरौनियों के वितरण की प्रक्रिया जारी है। 18 जनवरी 2025 के बाद 13.12 लाख नई घरौनियां तैयार की जा चुकी हैं। इसका वितरण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। ड्रोन तकनीक से सर्वे की संभावनाएं स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1 लाख 10 हजार 344 अधिसूचित ग्रामों में से 90 हजार 530 ग्राम ऐसे हैं, जहां ड्रोन सर्वे कराया जाना तकनीकी रूप से संभव है। इन ग्रामों में आधुनिक तकनीक के माध्यम से सर्वे कर सटीक और पारदर्शी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं।