यूपी में एसआईआर को लेकर बीजेपी बड़ी तैयारी में है। शनिवार को भाजपा ने इसके लिए प्रदेशस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें विचारधारा वाले वोटर्स का नाम जोड़वाने और बोगस वोटर्स का नाम कटवाने पर जोर दिया गया। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कहा कि विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण से ही विधानसभा चुनाव 2027 निर्भर करेगा। एसआईआर सही होने से ही चुनाव की राह आसान होगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल बोगस और जातीय आधारित वोटर बनवाने पर फोकस कर रहे हैं। बीजेपी के कार्यकर्ताओं को फील्ड में सक्रिय रहकर एसआईआर में भाजपा और अनुषांगिक संगठनों की विचारधारा से जुड़े मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कहा कि एसआईआर से ही कार्यकर्ताओं का भविष्य भी तय होगा। कार्यशाला में पार्टी के प्रदेशस्तरीय पदाधिकारी, सभी जिलों एवं महानगरों के जिलाध्यक्ष, अभियान के संयोजक मौजूद रहे। धर्मपाल सिंह ने कहा- मतदाता पुनरीक्षण केवल एक निर्वाचन प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आधारशिला को मजबूत करने का अभियान है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्तर पर बूथ, शक्ति केंद्र और मंडल तक यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित होने से छूट न रहे। अभियान के जरिए जनसंपर्क बढ़ाएं धर्मपाल सिंह ने कहा कि संगठन की दृष्टि से यह अभियान एक जनसंवाद एवं जनसंपर्क का अवसर भी है। कार्यकर्ता जब मतदाताओं से संपर्क करें तो उन्हें मोदी-योगी सरकार की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों की जानकारी भी दें। उन्होंने कहा कि पार्टी की योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचने के लिए कार्यकर्ता सतत सक्रिय रहें। जातीय जनगणना भी कराएगी भाजपा भाजपा एसआईआर के लिए अपना एक पोर्टल और एप तैयार कराने जा रही है। प्रत्येक बूथ अध्यक्ष और बूथ प्रवासी के पास एप का लॉगिन आईडी होगा। एप में बूथ के प्रत्येक मतदाता की 2003 और 2023 की मतदाता सूची का डेटा फीड है। बीजेपी की एक विधानसभा क्षेत्र में जिन मतदाताओं के नाम, पिता या पति के नाम भी सेम है, उनकी भी छंटनी तुरंत कर देगी। बूथ समिति को उसका सत्यापन करना होगा। बूथ समिति को केवल बूथ के प्रत्येक मतदाता का धर्म, जाति का नाम भी फीड करना होगा। जानकार मानते हैं कि इससे बीजेपी के पास विधानसभा चुनाव तक जाति और धर्म के अनुसार मतदाताओं की संख्या का डेटा भी एकत्रित हो जाएगा। बूथ प्रवासी बनाए जाएंगे कार्यशाला में बताया कि एसआईआर अभियान के लिए सभी बूथों पर प्रवासी बनाए जाएंगे। उनकी जिम्मेदारी रहेगी कि वह सभी बूथ समितियां, स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाकर मतदाता सूची के संशोधन, नाम जोड़ने, सुधार और विलोपन की प्रक्रिया को पूरा कराएंगे। बीजेपी का फोकस 30 फीसदी बूथों पर होगी दिक्कत सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के 30-35 फीसदी बूथों पर भाजपा की स्थिति कमजोर है। वहां बीजेपी की बूथ समितियों का गठन भी पूरी तरह नहीं है। बैठक में ऐसे कमजोर बूथों पर भी एसआईआर को सही ढंग से कराने की रणनीति बनाई गई। महामंत्री संगठन ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी लेनी होगी। सही वोटर बनाएं और फर्जी वोटर्स के नाम मतदाता सूची से हटवाएं। अभियान की कमान गोविंद शुक्ला को सौंपी एसआईआर के लिए भाजपा ने प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला को प्रभारी बनाया है। इसके अतिरिक्त सभी छह क्षेत्रों में एक-एक अभियान संयोजक बनाए गए हैं। अवध क्षेत्र में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राहुल राज रस्तोगी, गोरखपुर क्षेत्र में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष छठे लाल निगम, पश्चिम क्षेत्र में क्षेत्रीय महामंत्री हरीश सिंह, काशी क्षेत्र में क्षेत्रीय महामंत्री संतोष पटेल और कानपुर क्षेत्र में क्षेत्रीय महामंत्री रामकिशोर साहू को अभियान का संयोजक बनाया गया है। वंदे मातरम् अभियान के प्रभारी त्रयंबक त्रिपाठी महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने बताया कि वंदे भारत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर पार्टी की ओर से 7 नवम्बर से पूरे प्रदेश में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों को आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 7 नवम्बर को पूरे प्रदेश में 18 स्थानों पर “वंदे भारत” अभियान को लेकर एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश उपाध्यक्ष त्रयंबक त्रिपाठी को अभियान का संयोजक बनाया गया है। —————————- यह खबर भी पढ़ें… मायावती बोलीं- अच्छे दिन हम लाएंगे, मुस्लिमों के बाद OBC नेताओं संग बड़ी बैठक, कहा-सवर्ण खुद-ब-खुद चले आएंगे बसपा सुप्रीमो मायावती एक्शन मोड में हैं। उन्होंने शनिवार को ओबीसी नेताओं के साथ बड़ी बैठक की। इसमें उन्होंने ओबीसी समाज को पार्टी से जोड़ने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाने को कहा। साथ ही सपा-भाजपा की विचारधारा को जातिवादी करार दिया। मायावती ने कहा, ‘अच्छे दिन हम लाएंगे, लेकिन इसके लिए सत्ता की चाबी हासिल करनी होगी।’ पढ़ें पूरी खबर