यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सरकार जिम्मेदार है या BJP संगठन? इस पर नई बहस छिड़ गई है। CM योगी आदित्यनाथ SIR में करीब चार करोड़ मतदाता कम होने के लिए अपरोक्ष रूप से संगठन के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं। अब BJP के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दो टूक कहा कि SIR सरकार की जिम्मेदारी है। संगठन हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। लेकिन ड्राइविंग सीट पर सरकार ही है। पंकज चौधरी ने ये बातें बीते मंगलवार (13 जनवरी) को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्षों की बैठक में कही। दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद लौटे पंकज चौधरी के इस बयान को शासन और सत्ता के गलियारों में सरकार और संगठन के बीच टकराव के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में पंकज चौधरी ने कहा- SIR सरकार की जिम्मेदारी है, हमें सहयोग करना है कि एक भी पात्र वोटर, मतदाता सूची में नाम शामिल कराने से वंचित नहीं रहे। आइए समझते हैं चौधरी के बयान के पीछे की वजह… SIR को लेकर BJP और प्रदेश सरकार की ओर से जितनी ब्रांडिंग की गई थी, हकीकत उससे परे निकल रही है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 27 दिसंबर को मथुरा से अपने प्रदेश दौरे की शुरुआत की। ब्रज, पश्चिम, गोरखपुर क्षेत्र का दौरा करते हुए पंकज चौधरी अवध पहुंचे। छह में से पांच क्षेत्रों का दौरा करने के दौरान पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को जिलाध्यक्षों और क्षेत्रीय अध्यक्षों से जो फीडबैक मिल रहा है, वह पार्टी के लिए चिंताजनक है। लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा का अनुभव बहुत खराब रहा, जब हर लोकसभा क्षेत्र में पोलिंग पार्टी को दी गई मतदाता सूची में हजारों मतदाताओं के नाम के आगे डिलीट लिखा था, जबकि पार्टी और प्रत्याशी को दी गई मतदाता सूची में वह मतदाता शामिल थे। भाजपा की हार के पीछे इसे भी बड़ी वजह माना गया। जानकार मानते हैं कि फिर वही स्थिति न हो इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने साफ कर दिया है कि SIR सरकार की जिम्मेदारी है। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… अब जानिए SIR को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा था?
14 दिसंबर, 2025 को लखनऊ में आशियाना स्थित राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए मंच सजा था। पार्टी के मंच से CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2027 की लड़ाई आपके सामने है। विरोधी के पास इतनी ताकत नहीं हैं। लेकिन याद रखना विरोधी चाहे कैसा भी हो, लेकिन उसके छल और छद्म का जवाब देने के लिए आपके पास उतनी ही ताकत और साहस, शौर्य और तेज होना चाहिए। आपके शौर्य और तेज को जगाने के लिए मैं इस मंच का उपयोग करना चाहूंगा। एक अवसर है, आपके पास। मैं अक्सर सुनता हूं, आपकी मेहनत पर कोई संदेह नहीं है, आपके पुरुषार्थ में भी किसी को संदेह नहीं है, लेकिन कहीं-कहीं हमारी अति उदारता और दूसरों पर विश्वास करने की प्रवृत्ति हमें धोखा देती है। CM ने कहा, वर्तमान में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से SIR की कार्यवाही चल रही है। पूरे प्रदेश भर में, नगर, गांव, बूथ मंडल पर SIR की प्रक्रिया चल रही है। जब मैं पूछूंगा तो हर व्यक्ति बोलेगा कि हमारे यहां 98 फीसदी हो गया, कोई बोलेगा हमारे यहां 100 फीसदी हो गया है, लेकिन यह सच्चाई नहीं है। यह शुद्ध नीयत से मतदाता सूची के सशक्तिकरण का अच्छा अवसर है। यह चुनाव के समय आन वाली शिकायत के समाधान का अवसर है। CM ने कहा, यूपी की आबादी 25 करोड़ है। 25 करोड़ की आबादी में मतदाता सूची में 64 फीसदी नाम होने चाहिए, 64 से 65 फीसदी लोग 18 वर्ष से अधिक आयु के होंगे, 18 वर्ष से अधिक का हर व्यक्ति जो यूपी का निवासी है, उसका नाम मतदाता सूची में होना चाहिए। 18 वर्ष से अधिक की आयु के मतदाताओं के नाम के हिसाब से मतदाता सूची में 16 करोड़ मतदाता होने चाहिए, लेकिन SIR में मतदाता सूची में नाम 12 करोड़ आए हैं, ये चार करोड़ का गैप है। जनवरी 2025 की मतदाता सूची में 15.44 करोड़ मतदाता थे, एक जनवरी 2026 को जो भी युवा 18 साल का होगा वह मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का पात्र होगा, मतदाताओं की संख्या 15.44 करोड़ से बढ़कर 16 करोड़ होनी चाहिए, लेकिन यह संख्या घटकर 12 करोड़ हो गई है। ये चार करोड़ का गैप मिसिंग है, यह आपका विरोधी नहीं है, इसमें से 85 से 90 फीसदी आपका मतदाता है। CM ने नड्डा के सामने भी स्पष्ट किया
योगी आदित्यनाथ ने दिसंबर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के लखनऊ प्रवास के दौरान आयोजित पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में भी SIR के आंकड़े रखे थे। योगी ने राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने भी तस्वीर स्पष्ट कर दी थी कि धरातल पर SIR को लेकर काम ठीक नहीं हो रहा है। उसके बाद इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में SIR के दूसरे चरण की कार्यशाला में भी CM ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ सहित अन्य नेताओं के सामने एसआईआर को लेकर संगठन स्तर से हो रही कमजोरी को रखा था। बदले-बदले से सरकार नजर आते हैं
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 17 दिन में पांच क्षेत्रों का दौरा किया है। इस दौरान पंकज चौधरी गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, अनुप्रिया पटेल, पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कलराज मिश्र, लक्ष्मीकांत बाजपेयी, महेंद्रनाथ पांडेय, के साथ पूर्व और वर्तमान क्षेत्रीय अध्यक्षों, सांसदों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों से सामूहिक और वन-टू-वन भी मिले हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मुलाकात के बाद सरकार के मंत्री दारा सिंह चौहान, असीम अरुण, संदीप सिंह, कपिल देव अग्रवाल सहित अन्य मंत्रियों से भी मिले हैं। चौधरी ने अपनी यात्रा में यूपी की क्षेत्रीय राजनीति के साथ संगठन के नेताओं को समझा है। चौधरी को करीब से जानने वाले बताते हैं कि मुद्दों को समझने के बाद वह अपने हिसाब से आगे की योजना बना रहे हैं। उनका एक मात्र उद्देश्य है केंद्रीय नेतृत्व की अपेक्षा को पूरा करना। इसमें संगठन और सरकार में समन्वय के साथ नई टीम का गठन करना, पंचायत चुनाव, राज्यसभा चुनाव, विधान परिषद चुनाव, 2027 विधानसभा चुनाव में परचम फहराना शामिल है। ———————– यह खबर भी पढ़िए… ‘भाजपा नेता संगीत सोम मीट कारोबारी हैं’:मेरठ में सपा विधायक अतुल प्रधान के गंभीर आरोप; क्या कहते हैं दस्तावेज? यूपी के मेरठ की सरधना सीट से विधायक रह चुके संगीत सोम एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वह शाहरुख खान की IPL टीम केकेआर में शामिल मुस्तफिजुर रहमान को बाहर किए जाने की मांग को लेकर चर्चा में आए। संगीत सोम की गिनती फायर ब्रांड नेता के रूप में होती रही है। लेकिन, बांग्लादेश के विरोध के बाद उनके अतीत के रिकॉर्ड को लेकर सरधना से मौजूदा सपा विधायक अतुल प्रधान ने उन पर हमला बोला है। उनके अतीत के कुछ दस्तावेज भी उन्होंने पेश किए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सच में संगीत सोम किसी मीट के उत्पादन या निर्यात के काम में शामिल रहे हैं? अगर सच है, तो किन-किन कंपनियों में वे रहे? किस पद पर रहे? कब तक रहे? अब क्या स्थिति है? दैनिक भास्कर की इस रिपोर्ट में संगीत सोम के बिजनेस से जुड़े सारे फैक्ट के बारे में जानिए…