राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत से सीएम योगी के बाद दोनों डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक ने मुलाकात की। गुरुवार सुबह दोनों डिप्टी सीएम अलग-अलग निराला नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर पहुंचे। करीब 20-20 मिनट मोहन भागवत से इनकी मुलाकात हुई। इन मुलाकातों को सरकार-संगठन और संघ के बीच समन्वय के नजरिए से अहम माना जा रहा। सुबह पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य भागवत से मिलने के लिए पहुंचे। भागवत से विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। थोड़ी देर बाद ही डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पहुंचे। उनसे भी कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। अहम यह रहा कि गुरुवार सुबह ब्रजेश पाठक ने पहले अपने आवास पर बटुकों की पूजा की। इसके बाद वह भागवत से मिलने के लिए पहुंचे। संघ प्रमुख इन दिनों यूपी के दौरे पर हैं। गोरखपुर के बाद मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। आज वह मेरठ रवाना होंगे। संघ प्रमुख ने लखनऊ में दो दिनों के प्रवास के दौरान संगठन विस्तार और सामाजिक समरसता पर खोस फोकस किया। उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी और इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित किया। इससे पहले, संघ प्रमुख मोहन भागवत और सीएम योगी के बीच अयोध्या में 25 नवंबर, 2025 को मुलाकात हुई थी। वक्त था राम मंदिर में धर्म ध्वजा समारोह का। दोनों के बीच करीब आधे घंटे की मुलाकात हुई थी। इससे पहले कब-कब मिले भागवत-योगी संघ प्रमुख ने कल क्या-क्या कहा था, पढ़िए- 1- ‘RSS भाजपा का रिमोट कंट्रोल नहीं’
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि संघ भाजपा का रिमोट कंट्रोल नहीं है। संघ के स्वयंसेवक भाजपा में जाते हैं। वहां आगे भी बढ़े हैं। लेकिन यह कहना गलत है कि संघ भाजपा को चलाता है। हालांकि, भाजपा का विरोध करने वाले लोग ही संघ का विरोध करते हैं। मोहन भागवत ने अमेरिकी टैरिफ पर कहा- यह उनका पुराना तरीका है। वे हथियार और आर्थिक ताकत के दम पर झुकाना चाहते हैं। लेकिन भारत इतना मजबूत है कि उनके आगे झुका नहीं है। हमारी जनता तैयार है। इसलिए इसका भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 2- ‘हम सब एक हैं, छुआछूत खत्म हो’
भागवत ने कहा, ‘UGC से जुड़ा मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है। कोर्ट जो फैसला देगा, उसी के अनुसार आगे देखा जाएगा। कानून गलत हो तो उसे बदलने का तरीका भी है। हम सब भारत माता के बेटे-बेटी हैं। रंग, रूप या जाति अलग हो सकती है, लेकिन अपनापन बना रहना चाहिए। यही भावना छुआछूत जैसी बुराई खत्म कर सकती है।’ 3- ‘हिंदू समाज बंटा हुआ’ उन्होंने कहा, ‘जाति नाम की कोई व्यवस्था अब रहनी नहीं चाहिए। पहले यह काम के आधार पर थी, अब समय बदल गया है। जाति की दीवारें धीरे-धीरे टूट रही हैं। हिंदू समाज में ताकत है, लेकिन वह बंटा हुआ है और स्वार्थ में फंसा है। अगर समाज एकजुट हो जाए तो देश को आगे बढ़ा सकता है। नई चीजों का विरोध नहीं है, लेकिन पश्चिमीकरण की नकल सही नहीं है। आधुनिक बनें, लेकिन अपनी जड़ों और संस्कृति को न भूलें। संयुक्त परिवार अब कम हो गए हैं, लेकिन रिश्तों का भाव बना रहना चाहिए। हफ्ते में कम से कम एक बार परिवार साथ बैठे। बच्चों को संस्कार घर और स्कूल दोनों से मिलते हैं।’ ————————— ये खबर भी पढ़ें- शंकराचार्य विवाद- डिप्टी सीएम ने बटुकों की पूजा की:लखनऊ में घर बुलाया, तिलक लगाया; कहा था- चोटी खींचना महापाप यूपी में शंकराचार्य विवाद के बीच डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ब्राह्मण बटुकों की पूजा की। उन्होंने गुरुवार सुबह लखनऊ आवास में 101 बटुकों को आमंत्रित किया। पत्नी नम्रता पाठक के साथ सभी बटुकों का तिलक लगाया। हाथ जोड़कर प्रणाम किया। फूल बरसाए। इस दौरान बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया। पढ़ें पूरी खबर