योगी बोले- जाति-मजहब देखना सरकार के लिए पाप:सपा गरीब ब्राह्मणों को ही स्कॉलरशिप दे देती; माता प्रसाद ने कहा- वे जीने तो पाएं

यूपी विधानमंडल के बजट सत्र का शुक्रवार को आखिरी दिन रहा। योगी ने सदन में 2 घंटे 50 मिनट की बजट स्पीच दी। सीएम ने कवि दिनकर की एक कविता सुनाई- मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का,
धनुष छोड़ कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का?
पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर,
जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर, क्रूर।। योगी ने कहा, हमने किसी की जाति, मत और मजहब नहीं देखा। अगर सरकार ये सब देखे तो यह पाप है। सीएम ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद से कहा- अरे पांडेय जी, गरीब ब्राह्मणों को भी दे दिया होता, जो गरीब ब्राह्मण स्कॉलरशिप तक नहीं पाते थे। माता प्रसाद ने जवाब दिया- गरीब ब्राह्मण जीने तो पाएं। सीएम ने कहा, सपा सरकार में हर साल इंसेफेलाइटिस से 1500 से 1700 SC- ST बच्चों की मौतें होती थीं। 2019 के बाद से इंसेफेलाइटिस का उन्मूलन हो चुका है। हमने किसी की जाति नहीं देखी। सपा की 4 बार सरकार बनी, लेकिन आपने विचार तक नहीं किया। योगी ने यह भी कहा, इससे पहले माता प्रसाद पांडेय ने निजी स्कूल-कॉलेजों की फीस का मुद्दा उठाया। कहा, एक कानून लाया जाए, जिससे स्कूल-कॉलेजों की फीस तय हो सके। ऐसा नहीं हुआ तो गलगोटिया जैसी स्थिति पैदा होगी। वो तो न जाने से कहां से कुत्ता खोज लाए हैं और कहा कि हमने बनाया है। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत पूरा सदन हंसने लगा। दरअसल, AI समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपने स्टॉल पर चीन में बना एक रोबोट प्रदर्शित किया था और दावा किया था कि इसे उनके छात्रों ने तैयार किया है। पोल खुलने के बाद सरकार ने यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर कर दिया था। 3 फोटो देखिए… शुक्रवार को विधानसभा में क्या-क्या हो रहा? जानने के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…