मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के दूसरे कार्यकाल में पहली बार ऐसा हुआ, जब सत्र आखिरी दिन तक चला। ये सबसे लंबा बजट सत्र भी रहा। इस दौरान सदन की कार्रवाई 72 घंटे 56 मिनट की रही। राज्यपाल के अभिभाषण और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के विवादित बयान पर हंगामे को छोड़ दें तो सदन में कोई व्यवधान नहीं आया। सिर्फ 3.36 मिनट के लिए ही सदन स्थगित हुई। राज्यपाल के अभिभाषण पर 147 सदस्यों ने तो बजट पर 94 सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया। महिलाओं में सबसे सक्रिय सपा की ओर से डॉ रागिनी सोनकर ने सवाल किए। उनके सवाल का जवाब खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया। बजट सत्र के दौरान संसदीय कार्यमंत्री से लेकर विपक्षी दलों ने खूब शेरो–शायरी भी सुनाई। एक–दूसरे पर कमेंट भी किए। सदन में थूकने और विधानसभा में प्रवेश के पास के दुरुपयोग का मामला भी आया। सदन में दो बार ऐसा भी पल आया, जब पक्ष–विपक्ष के सदस्यों ने एक सुर में सुर मिलाया। मौका विधायकों के वेतन को महंगाई इंडेक्स से जोड़ने का था। अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों को सम्मान न दिए जाने के विषय पर भी सभी सदस्यों ने एक सुर मिलाया। 10 दिन के सत्र में 69 घंटे 20 मिनट हुई चर्चा बजट सत्र 18 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू हुआ था। हालांकि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सपा के सदस्यों ने हंगामा किया। इस दौरान सदन में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की फोटो भी लहराई। 20 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में बजट पेश किया। 4 मार्च को मुख्यमंत्री ने विधानसभा में और 5 मार्च को विधान परिषद में बजट पर सरकार का पक्ष रखा। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के मुताबिक बजट सत्र में नियम-300 के अंतर्गत कुल 18 सूचनाएं प्राप्त हुई थी। इसमें से 5 सूचनाओं को स्वीकार किय गया। वहीं 13 को अस्वीकार किया गया।
इसी तरह नियम-301 के तहत कुल 695 सूचनाओं में 346 स्वीकृत और 349 अस्वीकृत हुई। सदन की कार्यवाही के दौरान 2747 प्रश्न आए। इसमें स्वीकृत तारांकित सवाल 549, अतारांकित सवाल-1568 रहे। ताराकिंत प्रश्नों के 128 और अतारांकित प्रश्नों के 1039 उत्तर दिए गए। 90 प्रतिशत सवाल सदस्यों से ऑनलाइन मिले थे सदन को 2747 सवालों में 2473 ( 90.02 प्रतिशत) प्रश्न ऑनलाइन प्राप्त हुए थे। इसी तरह नियम-56 के के तहत 74 सूचनाएं मिली। इसमें 17 को सुना गया। जबकि नियम -51 के अर्तंगत कुल 884 सूचनाओं में 35 वक्तव्य, 25 केवल वक्तव्य, 309 ध्यानाकर्षण के लिए और 515 अस्वीकार की गयी। नियम-103 के अंतर्गत कुल 14 प्रस्तावों में सभी सुने गए। इस सत्र में 951 याचिकाएं लगाई गई थी। इसमें 771 स्वीकार की गई, 10 अस्वीकार और 170 व्यपगत याचिकाएं रहीं। राज्यपाल के अभिभाषण पर सबसे अधिक सदस्यों ने चर्चा की राज्यपाल आनंदी बाई पटेल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में चार दिन चर्चा हुई। इस चर्चा में 147 सदस्यों ने भाग लिया। सत्ता पक्ष के 98 और विपक्ष के 49 सदस्य शामिल थे।
वित्तीय वर्ष 2025-2026 के आय –व्यय पर 4 दिन की साधारण चर्चा हुई। इस चर्चा में 94 सदस्यों ने भाग लिया। सत्ता पक्ष के 60 और विपक्ष के 34 इस चर्चा में शामिल रहे। इसी तरह आय व्यय की मदवार चर्चा दो दिन चली। इसमें 57 सदस्यों ने भाग लिया। सत्ता पक्ष के 28 तो विपक्ष के 29 सदस्य शामिल थे। तीन विधेयक भी पेश किए गए बजट सत्र के दौरान सरकार की ओर से तीन विधेयक विधानसभा अध्यक्ष ने सभी दलों के सदस्यों का जताया आभार विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सीएम योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे, संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना सहित सभी दल के नेताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस बार जिस तरीके से सदन में सदस्यों ने चर्चा में शामिल रहे। उसे देखकर सदन में आए लोग भी अभिभूत दिखे। इस बार सदन की कार्रवाई देखने कई अधिकारियों और अन्य गणमान्य लोग आए थे। अध्यक्ष ने बताया कि अगली बार विधानसभा की कार्रवाई में एआई का उपयोग होगा। विधानसभा व सचिवालय में प्रवेश के लिए अप्रैल तक आरएफआईडी पास भी जारी किए जाएंगे। वहीं सदस्यों के लिए डिजिटल आईकार्ड भी जारी किए जा रहे हैं। क्षेत्र में जो वायदा करें, उसे जरूर पूरा करें : खन्ना संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि सदस्य जो भी वायदा अपने क्षेत्र में करें उसे पूरा जरूर करे। वरना इससे साख गिरेगी। उन्होंने कहा कि विधायक पुस्तकालय में जाकर अध्ययन करें। जितनी अधिक जानकारी होगी उतने ही बेहतर तरीके से अपनी बात रख सकेंगे।
इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि नई तकनीक होने से विधानसभा की कार्यवाही में सभी विधायकों को काफी सहयोग मिल रहा है। इस कारण यूपी विधानसभा का महत्व बढ़ा है। अपना दल (एस) से आशीष पटेल, राष्ट्रीय लोकदल के प्रदीप कुमार सिंह, निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के रमेश सिंह, भारतीय सुहेल देव पार्टी के बेदी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आराधना मिश्रा ‘मोना,समेत कुछ अन्य सदस्यों ने भी सदन के कुशल संचालन के लिए विधानसभा अध्यक्ष का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।