रवीन्द्रालय चारबाग में लखनऊ पुस्तक मेला जारी है। यह मेला साहित्यकारों और पुस्तक प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां किताबों के साथ-साथ साहित्यिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अवधी व्यंजन उत्सव भी आयोजित किए जा रहे हैं। मेले के चौथे दिन भी विभिन्न आयोजनों की धूम रही। पाठकों ने स्टालों पर अपनी पसंदीदा किताबें खोजीं और खरीदीं। कई प्रकाशकों के स्टालों पर नई और चर्चित पुस्तकों के प्रति विशेष उत्साह देखा गया। वाणी प्रकाशन के स्टाल पर मशहूर शायरों की किताबें पाठकों को आकर्षित कर रही हैं। गोष्ठी व परिचर्चा का आयोजन किया बुक ग्लोब के स्टाल पर अचल प्रियदर्शी की ‘ब्राण्ड हेमंत’, डॉ. सीताराम इंडिया की ‘भारतीय महिला राजनीतिज्ञ: संघर्ष से सफलता का सफर’ और रामनगीना मौर्य की ‘कार्टून का खजाना’ जैसी कई पुस्तकें पाठकों का ध्यान खींच रही हैं।साहित्यिक मंच पर ‘काव्या सतत साहित्य यात्रा’ और शारदेय प्रकाशन के सहयोग में एक गोष्ठी व परिचर्चा का आयोजन किया गया। इसमें मनोरमा लाल, करुणा पाण्डेय, अलका प्रमोद, मनु राय, पवन जैन और नेहा अग्रवाल नेह सहित कई साहित्यकारों ने भाग लिया। वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए दूसरे सत्र में निवेदिता श्री की पुस्तक ‘दशमेश पिता गुरु गोबिन्द सिंह जी’ पर चर्चा की गई। इस परिचर्चा में मीनू खरे, राजवंत राज, विनीता मिश्रा और रत्ना कौल सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। दोपहर में डॉ. अमरेश मोहन की स्वास्थ्य विषयक अंग्रेजी पुस्तक ‘फिजियोथेरेपी ऑफ लाइफ’ का विमोचन भी हुआ।मेले में लोक आंगन और नीलाक्षी फाउंडेशन के सहयोग से ज्योति किरन रतन के संयोजन में अवधी व्यंजन उत्सव का आयोजन किया गया। पारंपरिक अवधी व्यंजनों का स्वाद चखाया नीलम वर्मा और मीनाक्षी साहू ने आगंतुकों को फरे, नून-बरी, गुलगुले और आलू-कचालू जैसे पारंपरिक अवधी व्यंजनों का स्वाद चखाया।शाम को एक काव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें वाराणसी के बृजेन्द्र नारायण द्विवेदी ‘शैलेश’ और भोपाल के मनीष श्रीवास्तव ‘बादल’ सहित डॉ. वी.एम. खरे, डॉ. अभिनव गुप्त, मंजू सक्सेना, अनिल यादव ‘अनिकेत’ और वर्षा श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया।