राजस्थान के मकराना निवासी एक मार्बल व्यापारी बरेली में सूदखोरी और दबंगई के जाल में फंस गया है। बारादरी क्षेत्र के कट्कईयां निवासी रिजवान अहमद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। आरोप है कि लॉकडाउन के दौरान लिए गए 20 लाख रुपये का मूलधन और ब्याज चुकाने के बाद भी स्थानीय दबंग उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और उनकी दुकान पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। लॉकडाउन की मजबूरी और 2% ब्याज का जाल
रिजवान अहमद पिछले 13 वर्षों से मिनी बाईपास पर मार्बल का कारोबार कर रहे हैं। शिकायत के मुताबिक, करीब छह साल पहले स्वालेनगर निवासी मोहम्मद साजिद और इकबाल रजा से उनकी जान-पहचान हुई। दोनों ने खुद को इलाके का रसूखदार बताते हुए भरोसा जीता। लॉकडाउन में व्यापार घाटे में जाने पर रिजवान ने उनसे 2% मासिक ब्याज पर 20 लाख रुपये उधार लिए। आरोप है कि सुरक्षा के नाम पर दोनों ने उनसे हस्ताक्षर किए हुए चार ब्लैंक चेक ले लिए। कर्ज चुकाया, चेक नहीं लौटे; अब ‘महीना’ देने का दबाव
पीड़ित का दावा है कि जनवरी 2021 से वह हर महीने 1.25 लाख रुपये देते रहे और पूरा मूलधन व ब्याज चुका दिया। इसके बावजूद आरोपियों ने ब्लैंक चेक वापस नहीं किए। अब दोनों कथित रूप से हर महीने 1.25 लाख रुपये की रंगदारी देने का दबाव बना रहे हैं। मना करने पर दुकान पर कब्जा करने और अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। बंधक बनाने की कोशिश
रिजवान के अनुसार, 22 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे आरोपियों ने उन्हें घर बुलाकर बंधक बनाने की कोशिश की और हथियारों के बल पर धमकाया। वह किसी तरह जान बचाकर वहां से निकल पाए। थाने में सुनवाई न होने पर उन्होंने एसएसपी से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के आदेश पर बारादरी थाने में मोहम्मद साजिद पुत्र वाहिद निवासी जागृतिनगर, स्वालेनगर किला और इकबाल रजा पुत्र स्व. महबूब खान निवासी करबला के पीछे, स्वालेनगर किला के खिलाफ बीएनएस की धारा 308(2) और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।