राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने उठाई एम्स की मांग:राजयसभा में बोले- 7 करोड़ आबादी के लिए उच्च स्तरीय इलाज की सख्त जरूरत

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मेरठ में एम्स की स्थापना का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि 24 जिलों और 6 कमिश्नरी की 7 करोड़ से अधिक आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की सख्त आवश्यकता है। लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने सदन को अवगत कराया कि रायबरेली और गोरखपुर में एम्स स्थापित होने के बावजूद दिल्ली एम्स में आने वाले मरीजों का बड़ा हिस्सा पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आता है। प्रतिदिन लगभग 21 प्रतिशत मरीज इसी क्षेत्र से पहुंच रहे हैं और हर वर्ष उनकी संख्या में 17.61 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि मेरठ में एम्स बनने से न केवल क्षेत्रीय मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि दिल्ली एम्स का बोझ भी कम होगा। उन्होंने मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज की स्थिति का उल्लेख करते हुए बताया कि यह प्रदेश का सबसे पुराना सरकारी मेडिकल कॉलेज है, जहां 52 एकड़ भूमि उपलब्ध है। इसके बावजूद अस्पताल में बेड की कमी, चिकित्सकों के रिक्त पद और पुरानी मशीनों के कारण मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। उन्होंने कहा कि कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी और जटिल सर्जरी जैसे गंभीर उपचार के लिए मरीजों को दिल्ली या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। सड़क दुर्घटनाओं और हार्ट अटैक जैसे मामलों में ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान समय पर उपचार न मिल पाने से जान का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि यदि पूर्ण एम्स की स्थापना तुरंत संभव न हो तो पीजीआई, एम्स का सैटेलाइट सेंटर या कैंसर इंस्टीट्यूट मेरठ में स्थापित किया जाए। इसके लिए भवन निर्माण पर लगभग 5 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है और केंद्र की सैद्धांतिक स्वीकृति आवश्यक है।